फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Budget 2020 Revenue Secretary says that New tax structure gives option to save tax

नई व्यवस्था में मिलता है कर बचाने का विकल्प: राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय

Tue, 04 Feb 2020 09:05 AM IST
‌डिंपल अलवधी बजट डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बजट डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 04 Feb 2020 09:05 AM IST
विज्ञापन
Budget 2020 Revenue Secretary says that New tax structure gives option to save tax

बजट 2020-21 में प्रस्तावित में नई आयकर की दरों में कमी से ऐसे लोगों के हाथों में ज्यादा नकदी बचेगी, जो कर बचाने के लिए निवेश नहीं करना चाहते हैं। राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने सोमवार को यह बात कही।

विज्ञापन

हमने नहीं लगाई कोई बंदिशें - पांडे 

एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि बजट में प्रस्तावित नई व्यवस्था में कम आयकर के लिए सभी को मौजूदा एक्जंप्शन और डिडक्शन छोड़ने का विकल्प दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘हम नहीं कह रहे हैं कि कौन-सा विकल्प फायदेमंद है और कौन-सा फायदेमंद नहीं है। हमने एक विकल्प दिया है। हमने किसी पर बंदिशें नहीं लगाई हैं। इस प्रस्ताव से किसी को सिर्फ फायदा हो सकता है, किसी को नुकसान नहीं होगा।’ उन्होंने कहा कि करदाताओं को 50 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन और बचत योजना में 1.50 लाख रुपये के निवेश और आय के आधार पर 5 फीसदी, 10 फीसदी, 30 फीसदी कर के भुगतान के विकल्प को बनाए रखा गया है।

विज्ञापन

टैक्स एमनेस्टी स्कीम का उठा सकते हैं लाभ

साथ ही अजय भूषण पांडेय ने बताया कि जिन लोगों को नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स का नोटिस मिला था, वे नई टैक्स एमनेस्टी स्कीम का फायदा उठा सकेंगे। इस योजना के तहत 31 मार्च 2020 तक कोई भी डिफाल्टर बिना पेनल्टी आयकर चुका कर विवाद खत्म कर सकता है। इसका मतलब 31 मार्च 2020 के बाद लाभ उठाने वाले को कुछ अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा। योजना केवल 30 जून 2020 तक ही उपलब्ध है।

विज्ञापन
विज्ञापन


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ‘विवाद से विश्वास’ योजना का एलान किया था। इस योजना के तहत करदाताओं को पेनल्टी और ब्याज से छुटकारा मिल जाएगा। बशर्ते उन्हें बकाया टैक्स पूरा चुकाना होगा। 

वैकल्पिक तौर पर कर सकते हैं नई व्यवस्था का रुख

वैकल्पिक तौर पर वे नई व्यवस्था का रुख कर सकते हैं और एक्जंप्शन का दावा करने के लिए निवेश किए बिना कम आयकर का भुगतान कर सकते हैं। नई कर व्यवस्था में 2.5 लाख से पांच लाख रुपये के बीच सालाना आय पर पांच फीसदी कर लगाया जाता है। हर 2.5 लाख रुपये बढ़ने पर क्रमश: 10 फीसदी, 15 फीसदी, 20 फीसदी और 25 फीसदी कर लगाया जाता है। 15 लाख रुपये से ज्यादा आय पर 30 फीसदी कर वसूला जाता है।

वित्त मंत्री ने बताया ऐसे बचेंगे 78 हजार

बजट 2020 में आम करदाताओं की सुविधा के लिए वित्त मंत्री ने नए आयकर स्लैब की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने 15 लाख सालाना आय वालों का उदाहरण देते हुए बचत का सपना दिखाया। उन्होंने कहा, इस आयवर्ग वालों को अभी 2.73 लाख रुपये टैक्स देना पड़ता है, नया विकल्प अपनाने पर 1.95 लाख रुपये देना होगा। यानी, उसका कर भार 78 हजार रुपये कम हो जाएगा।

नया विकल्प चुना, तो नहीं मिलेंगे ये फायदे

  • वेतनभोगी कर्मचारियों लीव ट्रैवेल अलाउंस, आवास भत्ता, 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन की छूट नहीं मिलेगी।
  • आयकर अधिनियम सेक्शन 16 के तहत मनोरंजन भत्ता और एंप्लॉयमेंट/प्रफेशनल टैक्स के लिए डिडक्शन।
  • हाउजिंग लोन के ब्याज पर मिलने वाली छूट।
  • सेक्शन 57 के तहत फैमिली पेंशन पर छूट।
  • 80डी के तहत मेडिकल इंश्योरेंस पर छूट।
  • सेक्शन 80डीडी तथा 80डीडीबी के तहत विकलांगता के लिए मिलने वाली छूट।
  • 80सी के तहत मिलने वाली छूट।
  • सेक्शन 80ई के तहत एजुकेशन लोन पर मिलने वाली छूट।
  • सेक्शन 80जी के तहत धर्माथ संस्थाओं दिए गए दान पर छूट।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed