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बजट 2019: छपाई से जुड़े कुछ रोचक तथ्य जिनके बारे में नहीं होगी आपको जानकारी

Mon, 10 Jun 2019 07:16 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Mon, 10 Jun 2019 07:16 PM IST
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वित्त मंत्रालय में आम बजट 2019 को तैयार करने की प्रथा शुरू हो गई है। सोमवार से नॉर्थ ब्लॉक में स्थित मंत्रालय के दफ्तर में बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लग गई है। हर साल बजट बनाने से पहले ऐसा किया जाता है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि ऐसा क्यों किया जाता है? हम आज आपको बजट तैयार करने से लेकर उसकी छपाई से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं, जिनके बारे में आपको जानकारी नहीं होगी। 

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बजट होता है खुफिया दस्तावेज

ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के अनुसार बजट डॉक्यूमेंट संसद में पेश होने के पहले तक एक तरह का खुफिया दस्तावेज होता है। अगर बजट से जुड़ी कोई जानकारी लीक होती है, तो फिर इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। इसलिए बजट को लोगों से छुपा कर रखा जाता है। 

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1950 तक होती थी राष्ट्रपति भवन में छपाई

साल 1950 तक बजट की छपाई राष्ट्रपति भवन में स्थित प्रेस में होती थी, लेकिन वहां से बजट का कुछ हिस्सा लीक हो गया था। इसके बाद यहां से इसे मिंटो रोड स्थित सरकारी प्रेस में इसकी छपाई होने लगी है। 1980 से बजट की छपाई नॉर्थ ब्लॉक स्थित प्रेस में यह छपने लगा। 

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संयुक्त सचिव के पास रहती है ब्लू शीट

बजट तैयार करने से पहले एक ब्लू शीट बनती है, जिसमें प्रमुख आर्थिक डाटा रखा जाता है। इसके आधार पर ही बजट को तैयार किया जाता है। इस बजट शीट को वित्त मंत्री भी बाहर नहीं ले जा सकते हैं। इसकी कस्टडी मंत्रालय के संयुक्त सचिव (बजट) के पास रहती है। 

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इनके प्रवेश पर लगेगी रोक

वित्त मंत्रालय में 10 जून से मीडिया और अन्य बाहरी मेहमानों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लग गई है। इसके साथ ही पूरे मंत्रालय में कर्मचारी निजी ई-मेल का प्रयोग कार्यालय के सिस्टम पर नहीं कर पाएंगे। वहीं प्रवेश और निकास द्वार पर सीआईएसएफ के अलावा दिल्ली पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी तैनात रहेंगे। यह लोग उन लोगों पर नजर रखेंगे, जो बजट बनाने वाले अधिकारियों से मिलने जाएंगे। केवल उन्हीं लोगों को मंत्रालय में प्रवेश मिलेगा, जिनको मंत्रालय में कोई जरूरी कार्य है। 

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10 दिन कटे रहते हैं अधिकरी, कर्मचारी

बजट पेश होने के 10 दिन पहले वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में स्थित प्रिंटिंग प्रेस में पूरे बजट की छपाई होती है। छपाई शुरू होने से पहले वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी होती है। इसमें वित्त मंत्री सबसे पहले हलवा ग्रहण करेंगी। बजट छपाई एक तरह से पूर्णतया गोपनीय काम होता है।

इससे जुड़ी जाटिल प्रक्रिया को हल्का-फुल्का करने के लिए हलवा सेरेमनी का आयोजन होता है। बजट छपाई की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी 10 दिनों के लिए पूरी दुनिया से कटे रहते है। इन 100 अधिकारियों व कर्मचारियों को घर जाने की भी इजाजत नहीं होती है।  वित्त मंत्री के बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को ही घर जाने की इजाजत होती है। 

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बजट 2019

सुरक्षा होती है चाक-चौबंद

इस दौरान वित्त मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होती है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वित्त मंत्रालय में नहीं होता है। इस दौरान छपाई से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को भी बाहर आने या फिर अपने सहयोगियों से मिलने की भी मनाही होती है। अगर किसी विजिटर का आना बहुत जरूरी है तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अंदर भेजा जाता है। इन 10 दिनों तक मंत्रालय के अंदर कोई भी मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है। केवल लैंडलाइन फोन के जरिए ही बातचीत हो पाती है। 

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डॉक्टरों की टीम रहती है तैनात

वित्त मंत्रालय में 10 दिन के लिए डॉक्टरों की एक टीम भी तैनात रहती है। ऐसा इसलिए ताकि किसी भी कर्मचारी के बीमार पड़ने पर उसे वहीं पर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बीमार कर्मचारी को भी 10 दिनों के लिए अस्पताल में इलाज कराने की मनाही होती है। 

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