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GST Rate: बोतल बंद पानी, साइकिल और नोटबुक होंगी सस्ती, सौंदर्य प्रसाधन, लग्जरी कलाई घड़ी और जूते होंगे महंगे

Sat, 19 Oct 2024 08:20 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Sat, 19 Oct 2024 08:20 PM IST
सार

केंद्र सरकार के मंत्रियों के समूह जीओएम ने कई वस्तुओं की जीएसटी दर को कम करने की सिफारिश की है। जबकि कुछ पर जीएसटी दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। 

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Bottled water, bicycles, notebooks will be cheaper, cosmetics, luxury wrist watches, shoes will be expensive
जीएसटी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Istock

विस्तार

आने वाले दिनों में बोतल बंद पानी, साइकिल और नोटबुक सस्ते हो सकते हैं। केंद्र सरकार के मंत्रियों के समूह जीओएम ने इन वस्तुओं की जीएसटी दर को कम करने की सिफारिश की है। वहीं सौंदर्य प्रसाधन, लग्जरी कलाई घड़ी और जूतों पर जीएसटी दर बढ़ाने के लिए कहा है। शनिवार को हुई जीओएम की बैठक में शामिल सदस्यों ने यह सुझाव जीएसटी परिषद को दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद अगले महीने होने वाली बैठक में इसे लेकर अंतिम फैसला लेगी। 

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जीओएम ने 20 लीटर और उसके अधिक बोतलबंद पानी पर जीएसटी दर को 18 फीसदी से पांच फीसदी करने का प्रस्ताव दिया। जबकि 10 हजार से कम कीमत वाली साइकिल पर जीएसटी दर को भी 12 फीसदी से पांच फीसदी करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा अभ्यास नोटबुक पर भी जीएसटी को 12 फीसदी से पांच फीसदी करने का सुझाव दिया गया है। अगर जीएसटी परिषद इस प्रस्ताव को मंजूर कर देती है, तो इन चीजों की कीमतें कम हो जाएंगीं। 
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इसके बाद मंत्री समूह ने 15 हजार रुपये प्रति जोड़ी से अधिक मूल्य वाले जूते और 25 हजार रुपये से अधिक की कलाई घड़ियों पर जीएसटी दर 18 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा सौंदर्य प्रसाधन, हेयर ड्रायर, हेयर कलर पर भी जीएसटी बढ़ाने का सुझाव दिया। 
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जीओएम में शामिल बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि मंत्री समूह हर वर्ग के लोगों को राहत देने की पहल कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन सिफारिशों पर अंतिम निर्णय जीएसटी परिषद लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी परिषद को रिपोर्ट सौंपने से पहले पैनल की एक बार फिर बैठक होगी। पैनल में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, मेघालय, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना के मंत्री शामिल हैं। पैनल को अक्तूबर के अंत तक अपनी रिपोर्ट जीएसटी परिषद को सौंपनी है।

जीएसटी को लेकर बने छह सदस्यीय मंत्री समूह (जीओएम) में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राजस्थान के स्वास्थ्य सेवा मंत्री गजेंद्र सिंह, कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा, पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल शामिल हैं। 


मौजूदा समय में जीएसटी के चार स्लैब हैं। इनमें पांच फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी शामिल हैं। खासतौर पर रोजमर्रा और जरूरी उपयोग से जुड़ी वस्तुओं को पांच फीसदी दर में रखा जाता है। जबकि लग्जरी वस्तुओं को सबसे अधिक 28 फीसदी दर वाले स्लैब में शामिल किया जाता है। 

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