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Bombay High Court: सेबी की पूर्व अध्यक्ष माधबी पुरी बुच को राहत, FIR दर्ज करने के विशेष अदालत के आदेश पर रोक

Tue, 04 Mar 2025 11:57 AM IST
अभिषेक दीक्षित बिजनेस डायरी, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डायरी, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 04 Mar 2025 11:57 AM IST
सार

इससे पहले मुंबई की एक विशेष कोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को शेयर बाजार में कथित धोखाधड़ी और विनियामक उल्लंघन के आरोप में पूर्व सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए बंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 

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Bombay HC stays special court order directing FIR against ex-Sebi chairperson Madhabi Puri Buch and others
माधबी पुरी बुच। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शेयर बाजार धोखाधड़ी मामले में सेबी की पूर्व अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के विशेष अदालत के आदेश पर रोक लगाई। दरअसल, पूर्व सेबी प्रमुख बुच और पांच अन्य ने कथित शेयर बाजार धोखाधड़ी के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि वह याचिकाओं पर 4 मार्च को सुनवाई करेगा। एसीबी से तब तक विशेष अदालत के आदेश पर कार्रवाई नहीं करने को कहा गया था।

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इससे पहले मुंबई की एक विशेष कोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को शेयर बाजार में कथित धोखाधड़ी और विनियामक उल्लंघन के आरोप में पूर्व सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। 
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विशेष एसीबी अदालत ने क्या कहा था?
मुंबई स्थित विशेष एसीबी अदालत के न्यायाधीश शशिकांत एकनाथराव बांगर ने शनिवार को पारित आदेश में कहा था कि प्रथम दृष्टया विनियामकीय चूक और मिलीभगत के सबूत हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। कोर्ट ने कहा था कि वह जांच की निगरानी करेगा। मामले में 30 दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। अदालत ने आदेश में यह भी कहा था कि आरोपों से संज्ञेय अपराध का पता चलता है, जिसके लिए जांच जरूरी है। आदेश में कहा गया था कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की निष्क्रियता के कारण सीआरपीसी (आपराधिक प्रक्रिया संहिता) के प्रावधानों के तहत न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत है। 
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किस-किस पर एफआईआर के थे आदेश
माधबी बुच के अलावा जिन अन्य अधिकारियों के खिलाफ अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है, उनमें बीएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदररामन राममूर्ति, इसके तत्कालीन चेयरमैन और जनहित निदेशक प्रमोद अग्रवाल और सेबी के तीन पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया, अनंत नारायण जी और कमलेश चंद्र वार्ष्णेय शामिल हैं। 

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