Biz Updates: पश्चिम बंगाल में जोमैटो को 17.7 करोड़ का जीएसटी नोटिस, टपरवेयर ने दिवालिया होने के लिए दिया आवेदन
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो को जीएसटी विभाग से 17.7 करोड़ रुपये का नोटिस मिला है। कंपनी ने बुधवार को बताया, उसे जुर्माने और ब्याज के साथ यह नोटिस पश्चिम बंगाल जीएसटी प्राधिकरण से मिला है। दूसरी ओर, लंचबॉक्स बनाने वाली कंपनी टपरवेयर ने दिवालिया होने के लिए आवेदन दिया है।
विस्तार
डिब्बा बनाने वाली कंपनी टपरवेयर होगी दिवालिया
रसोई और घरों में इस्तेमाल के लिए डिब्बे (कंटेनर) बनाने वाली टपरवेयर ब्रांड्स कॉर्प ने दिवालियापन के लिए आवेदन किया है। कंपनी ने यह फैसला वैश्विक स्तर पर बिक्री में आ रही गिरावट और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ कई सालों तक संघर्ष करने के बाद किया है।
कंपनी ने चैप्टर-11 बैंकरप्सी प्रोटेक्शन के लिए आवेदन किया है, जो बिजनेस को काम जारी रखने के लिए अपने ऋण और संपत्ति को पुनर्गठित करने की अनुमति देता है। कंपनी ने अमेरिका के डेलावेयर में दिवालियापन के लिए दाखिल आवेदन में कहा कि उसकी संपत्ति 50 करोड़ डॉलर से एक अरब डॉलर के बीच है, जबकि कंपनी पर एक अरब डॉलर से 10 अरब डॉलर के बीच का कर्ज है।
लंबे समय से आर्थिक संकट में घिरी थी कंपनी
कोविड-19 महामारी के शुरुआती दिनों में टपरवेयर की बिक्री में कुछ सुधार हुआ, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण 2018 से कुल बिक्री में लगातार गिरावट आ रही है। पिछले साल, कंपनी ने अतिरिक्त वित्तपोषण की मांग की थी। कंपनी ने निवेशकों को व्यवसाय में बने रहने की अपनी क्षमता और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (एनवायएसई) से डीलिस्ट होने के जोखिम के बारे में चेतावनी भी दी थी। जून 2024 तक कंपनी ने अपने आखिरी अमेरिकी प्लांट को बंद करने का फैसला किया। इसके चलते कई लोग बेरोजगार हो गए।
पांच दिनों में शेयर में 50 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
टपरवेयर का शेयर पिछले 5 दिन में 56.04% गिर चुका है। वहीं, इस साल अब तक इसके शेयर में 75% की गिरावट देखने को मिली है। पिछले 5 साल में टपरवेयर का शेयर 96.75% गिर चुका है।
शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में 16 फीसदी उछाल
शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अब तक 16.12 फीसदी बढ़कर 9.95 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया। अग्रिम कर संग्रह में तेज बढ़ोतरी के कारण यह उछाल दर्ज किया गया है। इस दौरान 2.05 लाख करोड़ का रिफंड जारी किया गया, जो एक साल पहले की समान अवधि से 56.49 फीसदी ज्यादा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल से 17 सितंबर के बीच शुद्ध व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) संग्रह 19 फीसदी बढ़कर 5.15 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान कॉरपोरेट कर संग्रह 10.55 फीसदी बढ़कर 4.52 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया। प्रतिभूतियों के लेनदेन से जुड़ा कर राजस्व 26,154 करोड़ रुपये रहा। अग्रिम कर संग्रह 22.61 फीसदी बढ़कर 4.36 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में सरकार को सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह के रूप में 12.01 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई। यह आंकड़ा एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 21.48 फीसदी ज्यादा है।
22.12 लाख करोड़ वसूली का लक्ष्य
सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 22.12 लाख करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष कर वसूली का लक्ष्य रखा है। यह एक साल पहले की तुलना में 13 फीसदी ज्यादा है। डेलॉय इंडिया के साझेदार रोहिंटन सिद्धवा ने कहा, व्यक्तिगत आयकर में लगातार मजबूती दिख रही है।
(सुरेन्द्र मिश्र)
हलाल हाॅलमार्क उत्पाद के प्रति गैर इस्लामिक देशों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। मलयेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हलाल शोकेश (मिहास) 2024 में 66 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं यह हलाल कारोबार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है। खास बात यह है कि हलाल ट्रेड शो में चीन, सिंगापुर, जापान, इंडोनेशिया, म्यांमार और वियतनाम जैसे देश शामिल है।
इस वर्ष यह कार्यक्रम 17 से 20 सितंबर 2024 तक एमाइटीइसी कुआलालंपुर में आयोजित किया जा रहा है। मिहास 2024 में 40 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी का दावा किया गया है। वहीं, प्रदर्शनी में 2000 से अधिक बूथ स्टॉल लगाए गए है।
चुनौतियों के बाद भी कपड़ा निर्यात में 12 फीसदी उछाल
वैश्विक बाधाओं और उच्च लॉजिस्टिक लागत जैसी चुनौतियों के बावजूद देश से तैयार परिधान का निर्यात अगस्त, 2024 में करीब 12 फीसदी बढ़कर 1.26 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं, 2024-25 की अप्रैल-अगस्त अवधि के दौरान तैयार परिधान का निर्यात 7.12 फीसदी बढ़कर 6.39 अरब डॉलर पहुंच गया। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन सुधीर सेखरी ने कहा, वैश्विक बाधाओं, लाल सागर संकट व उच्च लॉजिस्टिक लागत जैसी चुनौतियों के बावजूद निर्यात में वृद्धि की गति बनी हुई है।