Biz Updates: विदेशी निवेशकों ने नए साल के पहले निकाले ₹7608 करोड़; विमान में पावर बैंक चार्ज करने पर रोक
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार की जा रही इस बिकवाली के दबाव ने 2025 में डॉलर के मुकाबले रुपये के लगभग 5 प्रतिशत अवमूल्यन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में स्थिति बदल सकती है। क्योंकि घरेलू बुनियादी बातों में सुधार से विदेशी निवेश आकर्षित होना शुरू हो सकता है। मजबूत जीडीपी वृद्धि और कॉरपोरेट आय में सुधार की संभावना आने वाले महीनों में विदेशी निवेश (एफपीआई) के निवेश के लिए अच्छे संकेत हैं।
केंद्र सरकार ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) से वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए मानदंडों में ढील दी है। डीएसआईआर के 42वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह घोषणा की। सिंह ने बताया कि डीएसआईआर के औद्योगिक अनुसंधान और विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए तीन साल की व्यवहार्यता मानदंड को हटा दिया गया है। डीप टेक से तात्पर्य उन अत्याधुनिक और अक्सर विघटनकारी प्रौद्योगिकियों से है जो गहन वैज्ञानिक खोजों, इंजीनियरिंग नवाचारों या अनुसंधानों में प्रगति पर आधारित हैं जिनमें उद्योगों, अर्थव्यवस्थाओं और जीवन को बदलने की क्षमता है।
डीएसआईआर अपने आईआरडीपीपी के तहत स्टार्टअप्स को 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता तभी प्रदान करता है जब वे कम से कम तीन वर्षों की अवधि के लिए टिकाऊ और व्यवहार्य साबित हों। सिंह ने कहा कि तीन साल के मानदंड को हटाना डीप-टेक स्टार्टअप्स को तेजी से आगे बढ़ने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है, यहां तक कि उनके पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने से पहले भी। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को तकनीकी परिपक्वता से जुड़े उचित मूल्यांकन मानकों को बनाए रखना होगा।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) प्रमुख रवि अग्रवाल ने आयकर विभाग से एक अप्रैल से लागू होने वाले नए प्रत्यक्ष कर कानून के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि कर अधिकारी साफ सोच और मकसद के साथ काम करेंगे। विभाग के स्टाफ सदस्यों को अपने नए साल के संदेश में सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि इस बदलाव के लिए नए नियम, प्रक्रियाएं और फॉर्म बनाए जा रहे हैं।
सीबीडीटी आयकर विभाग के लिए प्रशासनिक निकाय है। नया आयकर कानून 1961 के छह दशक से ज्यादा पुराने मौजूदा आयकर कानून की जगह लेगा। उन्होंने 2026 को विभाग के लिए खास महत्व का साल बताते हुए अधिकारियों से तैयारी, कानून की समझ और इसे लागू करने में आपसी भरोसे का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस साल का विशेष महत्व है। आयकर कानून 2025 को अधिसूचित कर दिया गया है और यह 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमान में पावर बैंक चार्ज करने और सीट के पावर सिस्टम से जोड़ने पर रोक लगा दी है। लिथियम बैटरी में आग लगने की घटनाओं के बाद यह नियम लागू किया गया है। पावर बैंक सिर्फ हैंड बैग में रखा जा सकता है, लेकिन फ्लाइट में चार्ज करना पूरी तरह से मना है। डीजीसीए की ओर से जारी एडवाइजरी जारी में कहा गया है कि लिथियम बैटरी आग लगने का बड़ा कारण बन सकती है। ओवरहेड बिन में रखे पावर बैंक तक पहुंचना मुश्किल होता है, जिससे आग लगने पर समय पर कार्रवाई नहीं हो पाती। बैटरी में खराब क्वालिटी, ओवरचार्जिंग या शॉर्ट सर्किट से आग लग सकती है।
भारत में निवेश बढ़ाएगी कैथे कार्गो
हांगकांग की एयर फ्रेट ऑपरेटर कैथे कार्गो ने भारत में अपने निवेश को बढ़ाने की योजना का संकेत दिया है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तेजी से उभर रहा है और कैथे कार्गो के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजार है। फिलहाल कैथे कार्गो भारत के लिए हर सप्ताह 13 फ्रेटर सेवाएं संचालित करती है। इनमें दिल्ली और चेन्नई के लिए पांच-पांच और मुंबई के लिए तीन सेवाएं शामिल हैं।
कंपनी के मुताबिक, भारत लंबे समय से उसके लिए अहम बाजार रहा है। कैथे कार्गो ने वर्ष 2000 में फ्रेटर ऑपरेशंस की शुरुआत की थी, जबकि भारत में उसकी मौजूदगी 1953 से है। अधिकारी ने कहा कि भारत में लगातार बढ़ती औद्योगिक गतिविधियां और निर्यात क्षमता कंपनी के लिए बड़े अवसर पैदा कर रही हैं।
सरकार ने कम राख वाले मेटालर्जिकल कोक पर आयात प्रतिबंध हटाए
एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने 18 प्रतिशत से कम राख की मात्रा वाले कम राख वाले मेटालर्जिकल कोक पर आयात प्रतिबंध हटा दिए हैं। 31 दिसंबर को विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा कि वह कम राख वाले मेटालर्जिकल कोक पर आयात प्रतिबंधों को 1 जनवरी से 30 जून, 2026 तक बढ़ा रहा है।
हालांकि, 3 जनवरी की अधिसूचना में कहा गया है, "कम राख वाले मेटालर्जिकल कोक (जिसमें राख की मात्रा 18 प्रतिशत से कम हो), जिसमें कोक फाइन/कोक ब्रीज़ और अल्ट्रा-लो फॉस्फोरस मेटालर्जिकल कोक शामिल हैं, का आयात मुक्त है।"