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Biz Updates: ईपीएफओ से नवंबर 2024 में 14.63 लाख सदस्य जुड़े, इनमें 8.74 लाख लोग नए
Wed, 22 Jan 2025 01:20 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 22 Jan 2025 01:20 PM IST
सार
Biz Updates: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने नवंबर 2024 का अस्थायी पेरोल डेटा जारी किया है। इसके अनुसार, संगठन से जुड़े नए सदस्यों की संख्या में 14.63 लाख का इजाफा हुआ है। अक्तूबर 2024 की तुलना में नवंबर में सदस्यों की संख्या में 9.07% की वृद्धि दर्ज की गई। आइए एक नजर डालते हैं, कारोबार जगत के अहम अपडेट्स पर।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने नवंबर 2024 का अस्थायी पेरोल डेटा जारी किया है। इसके अनुसार, संगठन से जुड़े नए सदस्यों की संख्या में 14.63 लाख का इजाफा हुआ है। अक्तूबर 2024 की तुलना में नवंबर में सदस्यों की संख्या में 9.07% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, साल दर साल आधार पर नवंबर 2023 की तुलना में सदस्यों की संख्या में 4.88% की वृद्धि हुई। ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार रोजगार के अवसर और कर्मचारी के बीच मिलने वाले लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ी है।
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ईपीएफओ ने पेरोल डेटा (नवंबर 2024) की मुख्य विशेषताओं को बताते हुए कहा कि नवंबर 2024 में लगभग 8.74 लाख नए सदस्यों को नामांकित किया गया। अक्टूबर 2024 के पिछले महीने की तुलना में नए सदस्यों का जुड़ाव 16.58% बढ़ा। सालाना आधार पर बात करें तो नवंबर 2023 की तुलना में नए सदस्यों की संख्या में 18.80% की वृद्धि हुई है। ईपीएफओ के अनुसार, इसका श्रेय रोजगार के बढ़ते अवसरों, कर्मचारी लाभों के बारे में बढ़ती जागरूकता और ईपीएफओ के सफल आउटरीच कार्यक्रमों को दिया जा सकता है।
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एनएसई ने पांच माह में जोड़े एक करोड़ निवेशक, कुल संख्या 11 करोड़ के पार
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पंजीकृत निवेशकों की संख्या 11 करोड़ को पार पहुंच गई है। इसमें अंतिम एक करोड़ पंजीकरण सिर्फ पांच माह में हुए हैं। यह निवेशकों की प्रत्यक्ष माध्यमों से शेयर बाजार में बढ़ती भागीदारी को बताता है। एनएसई में निवेशक पंजीकरण में हाल के दिनों में उल्लेखनीय तेजी आई। पिछले पांच वर्षों में पंजीकरण 3.6 गुना बढ़ा है। 1994 में एनएसई की शुरुआत के बाद से एक करोड़ निवेशकों तक पहुंचने में 14 साल लग गए। इसके बाद यह गति तेज हुई। अगले एक करोड़ पंजीकरण में करीब सात साल लगे। उसके बाद अगले एक करोड़ के लिए 3.5 साल और फिर चौथे करोड़ को जोड़ने में एक साल से थोड़ा ज्यादा समय लगा। एनएसई ने कहा, उसके बाद से हर अतिरिक्त एक करोड़ निवेशक छह-सात महीनों में जुड़ रहे हैं। निफ्टी50 ने पिछले साल 8.8 फीसदी और निफ्टी500 सूचकांक ने 15.2 फीसदी रिटर्न दिया है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पंजीकृत निवेशकों की संख्या 11 करोड़ को पार पहुंच गई है। इसमें अंतिम एक करोड़ पंजीकरण सिर्फ पांच माह में हुए हैं। यह निवेशकों की प्रत्यक्ष माध्यमों से शेयर बाजार में बढ़ती भागीदारी को बताता है। एनएसई में निवेशक पंजीकरण में हाल के दिनों में उल्लेखनीय तेजी आई। पिछले पांच वर्षों में पंजीकरण 3.6 गुना बढ़ा है। 1994 में एनएसई की शुरुआत के बाद से एक करोड़ निवेशकों तक पहुंचने में 14 साल लग गए। इसके बाद यह गति तेज हुई। अगले एक करोड़ पंजीकरण में करीब सात साल लगे। उसके बाद अगले एक करोड़ के लिए 3.5 साल और फिर चौथे करोड़ को जोड़ने में एक साल से थोड़ा ज्यादा समय लगा। एनएसई ने कहा, उसके बाद से हर अतिरिक्त एक करोड़ निवेशक छह-सात महीनों में जुड़ रहे हैं। निफ्टी50 ने पिछले साल 8.8 फीसदी और निफ्टी500 सूचकांक ने 15.2 फीसदी रिटर्न दिया है।
एचसीएलटेक के नए केंद्र में मिलेंगी 5,000 नौकरियां
आईटी कंपनी एचसीएलटेक हैदराबाद में नए प्रौद्योगिकी केंद्र की शुरुआत के साथ अपने वैश्विक वितरण क्षेत्र का विस्तार कर रही है। इस केंद्र से 5,000 नौकरियों का सृजन होगा। दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक से अलग एचसीएलटेक के वैश्विक सीईओ सी. विजयकुमार ने यह जानकारी दी। 3.20 लाख वर्ग फीट में स्थित यह नया केंद्र उद्योगों में वैश्विक ग्राहकों को अत्याधुनिक क्लाउड, एआई और डिजिटल बदलाव समाधान प्रदान करेगा।
आईटी कंपनी एचसीएलटेक हैदराबाद में नए प्रौद्योगिकी केंद्र की शुरुआत के साथ अपने वैश्विक वितरण क्षेत्र का विस्तार कर रही है। इस केंद्र से 5,000 नौकरियों का सृजन होगा। दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक से अलग एचसीएलटेक के वैश्विक सीईओ सी. विजयकुमार ने यह जानकारी दी। 3.20 लाख वर्ग फीट में स्थित यह नया केंद्र उद्योगों में वैश्विक ग्राहकों को अत्याधुनिक क्लाउड, एआई और डिजिटल बदलाव समाधान प्रदान करेगा।
नौ प्रमुख शहरों में 9% घटी मकानों की बिक्री
देश के नौ प्रमुख शहरों में 2024 में मकानों की बिक्री 9 फीसदी घटकर 4.71 लाख इकाई रह गई। प्रॉपइक्विटी के मुताबिक, मांग कम होने के साथ नई आपूर्ति में कमी के कारण बिक्री घटी है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में मकानों की बिक्री पांच फीसदी बढ़ी है।
देश के नौ प्रमुख शहरों में 2024 में मकानों की बिक्री 9 फीसदी घटकर 4.71 लाख इकाई रह गई। प्रॉपइक्विटी के मुताबिक, मांग कम होने के साथ नई आपूर्ति में कमी के कारण बिक्री घटी है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में मकानों की बिक्री पांच फीसदी बढ़ी है।
दिसंबर में भर्ती गतिविधियों में 31 फीसदी का उछाल उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स व विनिर्माण क्षेत्र सबसे आगे
देश में भर्ती गतिविधियों में दिसंबर, 2024 में 31 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण-निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में सबसे अधिक भर्तियां हुई हैं। फाउंडइट इनसाइड ट्रैकर (फिट) रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह महीनों में देश में भर्ती गतिविधियां 12 फीसदी बढ़ी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भर्ती में वृद्धि सभी क्षेत्रों में देखने को मिली है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण व निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र क्रमशः 60 फीसदी, 57 फीसदी एवं 57 फीसदी की वृद्धि के साथ सबसे आगे हैं। इस बीच, देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित नौकरियां पिछले दो वर्षों में 42 फीसदी बढ़कर 2.53 लाख पदों तक पहुंच गई हैं। फाउंडइट के सीईओ वी सुरेश ने कहा, विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्ति गतिविधियों में वृद्धि भारत के रोजगार बाजार की मजबूती, अनुकूलनशीलता और गतिशीलता को रेखांकित करती है। रोमांचक बात है कि सिर्फ दो वर्षों में एआई से जुड़ी नौकरियों में 42 फीसदी की तीव्र वृद्धि हुई है, जो अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण चालक के रूप में एक कौशल के परिवर्तन को दर्शाती है। उन्होंने कहा, 2025 में एआई संबंधित नौकरियों 14 फीसदी की अनुमानित वृद्धि के साथ हम एक बदलाव देख रहे हैं, जहां एआई अब अवधारणा नहीं, बल्कि भारत के वर्तमान और भविष्य के कार्यबल का एक बुनियादी तत्व है।
देश में भर्ती गतिविधियों में दिसंबर, 2024 में 31 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण-निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में सबसे अधिक भर्तियां हुई हैं। फाउंडइट इनसाइड ट्रैकर (फिट) रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह महीनों में देश में भर्ती गतिविधियां 12 फीसदी बढ़ी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भर्ती में वृद्धि सभी क्षेत्रों में देखने को मिली है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण व निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र क्रमशः 60 फीसदी, 57 फीसदी एवं 57 फीसदी की वृद्धि के साथ सबसे आगे हैं। इस बीच, देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित नौकरियां पिछले दो वर्षों में 42 फीसदी बढ़कर 2.53 लाख पदों तक पहुंच गई हैं। फाउंडइट के सीईओ वी सुरेश ने कहा, विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्ति गतिविधियों में वृद्धि भारत के रोजगार बाजार की मजबूती, अनुकूलनशीलता और गतिशीलता को रेखांकित करती है। रोमांचक बात है कि सिर्फ दो वर्षों में एआई से जुड़ी नौकरियों में 42 फीसदी की तीव्र वृद्धि हुई है, जो अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण चालक के रूप में एक कौशल के परिवर्तन को दर्शाती है। उन्होंने कहा, 2025 में एआई संबंधित नौकरियों 14 फीसदी की अनुमानित वृद्धि के साथ हम एक बदलाव देख रहे हैं, जहां एआई अब अवधारणा नहीं, बल्कि भारत के वर्तमान और भविष्य के कार्यबल का एक बुनियादी तत्व है।