Delhi High Court: शार्क टैंक के जज रहे अशनीर ग्रोवर को दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया समन, जानें क्या है मामला?
Delhi High Court Summons Ashneeer Grover: दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की अदालत में इस मामले पर लगभग एक घंटे तक सुनवाई चली। उसके बाद अदालत ने अशनीर ग्रोवर को निर्देश दिया कि अगला आदेश आने तक वह 16,110 शेयरों कोई थर्ड पार्टी अधिकार जारी नहीं कर सकते।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतपे के को-फाउंडर रहे अशनीर ग्रोवर को समन जारी किया है। यह समन कंपनी के ही दूसरे को-फाउंडर भाविक कोलाडिया की ओर से दायर याचिका के मामले में जारी हुआ है। भाविक कोलाडिया अशनीर ग्रोवर को ट्रांसफर किए गए शेयर्स को री-क्लेम करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट की शरण में गए हैं। हाईकोर्ट ने अब इसी मामले में सुनवाई करते हुए शार्क टैंक के जज रहे अशनीर ग्रोवर के साथ भारत पे को भी समन भेजा है।
दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की अदालत में इस मामले पर लगभग एक घंटे तक सुनवाई चली। उसके बाद अदालत ने अशनीर ग्रोवर को निर्देश दिया कि अगला आदेश आने तक वह 16,110 शेयरों कोई थर्ड पार्टी अधिकार जारी नहीं कर सकते। इसके लिए ग्रोवर को हफ्तेभर के भीतर हलफनामा दायर करने को कहा गया है। वहीं, चार हफ्तों के भीतर उनसे इस मसले पर जवाब मांगा गया है। अदालत में भाविक कोलाडिया की ओर वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलीलें पेश की।
रोहतगी ने अदालत को बताया कि 3 दिसंबर 2018 को कोलडिया ने ग्रोवर से 88 लाख रुपये में अपने 1600 शेयर बेचने का सौदा किया था। पर उन्हें कोई भुगतान नहीं किया गया। अब इन शेयरों की संख्या 16000 के पार पहुंच चुकी हैं। कोलाडिया के अनुसार उसने ये शेयर ग्रोवर वापस लौटाने के लिए दिए थे, ऐसे में इन शेयरों को ग्रोवर को सौंपे जाने की जरूरत नहीं है। वे इन शेयरों को वापस चाहते हैं क्योंकि वह सौदा ट्रांजेक्शन विदाउट कंसिडरेशन था। रोहतगी के अनुसार कोलाडिया इन शेयरों को वापस पाने के हकदार हैं। बता दें कि भारतपे एक अनलिस्टेड कंपनी है।