Adani Group: GQG की अदाणी समूह में हिस्सेदारी 10 फीसदी तक बढ़ी; राजीव जैन बोले- भविष्य में और बढ़ाएंगे निवेश
जैन ने बताया कि अडानी ग्रुप में जीक्यूजी की हिस्सेदारी करीब 3.5 डॉलर के करीब है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्होंने अदाणी समूह की किन कंपनियों में निवेश किया है। मार्च में हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद जीक्यूसी ने समूह की चार कंपनियों में दो बिलियन डॉलर का निवेश किया।
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जानेमाने निवेशक राजीव जैन की जीक्यूजी पार्टनर्स एलएलसी ने अरबपति गौतम अदाणी के समूह में अपनी हिस्सेदारी लगभग 10 फीसदी बढ़ा दी है। उन्होंने समूह के लिए भविष्य में भी फंड जुटाने की इच्छा जाहिर की है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि अदाणी होल्डिंग्स में जीक्यूजी की साझेदारी करीब 3.5 बिलियन डॉलर के करीब है। इसे संबंध में जैन ने कहा कि पांच साल के भीतर हम अदाणी समूह में मूल्यांकन के आधार पर अदाणी परिवार के बाद सबसे बड़े निवेशकों में से एक बनना चाहते हैं।
उन्होंने बिना ज्यादा जानकारी दिए बताया कि हम निश्चित रूप से अदाणी समूह की किसी भी नई पेशकश में भागीदार बनना चाहेंगे। बताया जा रहा है कि QGQ पिछले कुछ दिनों से अदाणी समूह के शेयरों को खरीद रहा है। वह इस समूह के लिए फंड जुटाने में मदद करना चाहते हैं। इससे पहले अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी ट्रांसमिशन ने घोषणा की थी कि वे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) रूट के जरिए कुल 21,000 करोड़ रुपये जुटाएंगे। इसमें अदाणी एंटरप्राइजेज 12,500 करोड़ रुपये और अदाणी ट्रांसमिशन 8,500 करोड़ रुपये जुटाएगा।
मार्च में अदाणी समूह की प्रमोटर इकाई एसबी अदाणी फैमिली ट्रस्ट ने अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी ट्रांसमिशन और अदाणी एंटरप्राइजेज में जीक्यूजी को हिस्सेदारी बेची थी।
अदाणी समूह को मिली थी मजबूती
मार्च में हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद जीक्यूसी ने समूह की चार कंपनियों में दो बिलियन डॉलर का निवेश किया, जिससे अदाणी समूह को थोड़ी मजबूती मिल सकी। बता दें, जनवरी में प्रकाशित हुए हिंडनबर्ग के एक संस्करण में अदाणी समूह के शेयर को ओवरवैल्यूड और हेरफेर करने का आरोप लगाया गया था। इस वजह से समूह को 150 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था।
बाजार भी जैन के पक्ष में दिखा
राजीव जैन ने बताया कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बारे में उन्हें ज्यादा कोई जानकारी नहीं थी। जैन ने कहा कि व्यवसाय के संबंध में स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि अपने 30 साल से अधिक के करियर में उन्हें अभी तक कोई बेहतरीन कंपनी नहीं मिल सकी है। जैन ने भारत के कोयला खनन और हवाईअड्डों में अदाणी के निवेश को सही ठहराया है। बाजार फिलहाल, राजीव जैन के पक्ष में नजर आ रहा है। क्योंकि, पिछले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय के रिपोर्ट के कारण अदाणी समूह के शेयरों में उछाल आया है।