Trade in Rupee: रूस के उप प्रधानमंत्री बोले- आयात में कमी के कारण रुपये में द्विपक्षीय व्यापार कठिन
Trade in Rupee: रूसी उपप्रधानमंत्री और उद्योग व वाणिज्य मंत्री ने कहा कहा है कि भारत से आयात की कमी के कारण, दोनों देशों के बीच व्यापार में रुपये का उपयोग करना कठिन है। हमें भारत से व्यापार बढ़ाने की जरूरत है।
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भारतीय मुद्रा रुपये को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा के रूप में पहचान दिलाने की कोशिशों के बीच रूस के उप प्रधानमंत्री ने बड़ा बयान दिया है। रूसी उपप्रधानमंत्री और उद्योग व वाणिज्य मंत्री ने कहा है कि भारत से आयात की कमी के कारण, दोनों देशों के बीच व्यापार में रुपये का उपयोग करना कठिन है। हमें भारत से व्यापार बढ़ाने की जरूरत है। इस मामले में हम ऐसे संतुलन की संभावना तलाश रहे हैं जैसा चीन के साथ है। उन्होंने कहा, "हमारा चीन के साथ 200 बिलियन डॉलर का व्यापार है और यह संतुलित है।" रूसी उप प्रधानमंत्री डेनिस वैलेंटाइनोविच मंटुरोव ने भारत-रूस व्यापार और भुगतान मुद्दे पर ये बात कही है। रूस के उपप्रधानमंत्री और उद्योग व व्यापार मंत्री डेनिस मंटुरोव ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ आज नई दिल्ली में रूसी और भारतीय व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
#WATCH | "...Because of a lack of import from India, it's not enough to use Rupee. We need to boost trade from India. In this case we are looking at balance, like for example, we have with China - we have 200 billion dollars trade with China and it's balanced..." says Denis… pic.twitter.com/OqWv5rtVpx
— ANI (@ANI) April 17, 2023विज्ञापन
रूस के उप प्रधानमंत्री बोले- हम एफटीए पर बातचीत तेज करने के लिए उत्सुक
रूस के उप प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। हमने अमित्र देशों की सहमति के बिना मूल वस्तुओं के आयात की अनुमति दी है। हम भारत के साथ एफटीए पर बातचीत तेज करने के लिए उत्सुक हैं। रूस के उप प्रधानमंत्री ने कहा कि हम निवेश के संवर्धन और संरक्षण के लिए रूस-भारत द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने पर काम कर रहे हैं।