{"_id":"651fc52fb208b99f83092165","slug":"banks-with-surplus-funds-should-explore-lending-opportunities-in-interbank-call-money-market-rbi-gov-2023-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"RBI MPC: 'बैंक सरप्लस फंड का इस्तेमाल ऋण देने में करें', एमपीसी के बाद आरबीआई गवर्नर ने बैंकों से ये कहा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
RBI MPC: 'बैंक सरप्लस फंड का इस्तेमाल ऋण देने में करें', एमपीसी के बाद आरबीआई गवर्नर ने बैंकों से ये कहा
Fri, 06 Oct 2023 03:42 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 06 Oct 2023 03:42 PM IST
सार
RBI MPC: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि एसडीएफ के तहत पर्याप्त धन के बीच एमएसएफ (सीमांत स्थायी सुविधा) उधारी का ऊंचा स्तर बैंकिंग प्रणाली की लिक्विडिटी में विषमता की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा, 'बैंकों का एक समूह एसडीएफ में हर दिन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक जमा कर रहा है।
विज्ञापन
आरबीआई गवर्नर
- फोटो : Istock
विस्तार
आरबीआई भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी की बैठक के बाद बैंकों को सलाह दिया है कि वे अपने सरप्लस फंड का इस्तेमाल ऋण देने में करें। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि है कि बैंकों को एसडीएफ (स्थायी जमा सुविधा) में अपेक्षाकृत कम आकर्षक दरों पर धन जमा करने के बजाय अंतरबैंक कॉल मनी बाजार में ऋण देने के अवसर तलाशने चाहिए।
विज्ञापन
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि एसडीएफ के तहत पर्याप्त धन के बीच एमएसएफ (सीमांत स्थायी सुविधा) उधारी का ऊंचा स्तर बैंकिंग प्रणाली की लिक्विडिटी में विषमता की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा, 'बैंकों का एक समूह एसडीएफ में हर दिन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक जमा कर रहा है। कभी-कभी यह 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है। कई अन्य बैंक भी हैं जो आरबीआई के एमएसएफ से इतनी ही राशि उधार ले रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'इसलिए जाहिर तौर पर बैंकिंग प्रणाली में नकदी का वितरण विषम है। यह भारित औसत कॉल दर/डब्ल्यूएसीआर (जो मौद्रिक नीति का परिचालन लक्ष्य है) की मजबूती में परिलक्षित होता है। टर्म स्ट्रक्चर के शॉर्ट-एंड में इस तरह की सख्ती के बावजूद, जी-सेक मार्केट में औसत टर्म स्प्रेड (10-वर्षीय जी-सेक माइनस 91-दिन टी-बिल) अगस्त और सितंबर में लगभग 40 आधार अंक पर रहा, जो स्थिर वित्तीय स्थितियों की ओर इशारा करता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में बैंकों ने 14 दिन के मुख्य वीआरआरआर (परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो) परिचालन में धन की पेशकश करने के बजाय ओवरनाइट एसडीएफ के तहत धन रखने को प्राथमिकता दी है। दास ने कहा, 'यह जरूरी है कि बैंक रिजर्व मेंटेनेंस साइकल पर अपनी वास्तविक नकदी जरूरतों का आकलन करें और आरबीआई के मुख्य 14 दिवसीय वीआरआरआर परिचालन के तहत नीलामी में उसी के अनुसार बोली लगाएं। कॉल मनी लेनदेन की अधिक मात्रा न केवल मुद्रा बाजार में गहराई लाएगी, बल्कि एमएसएफ के लिए घाटे वाले बैंकों के सहारा को भी कम करेगी।
केंद्र सरकार के वित्त को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं: आरबीआई गवर्नर
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार के वित्त को लेकर ‘कोई बड़ी समस्या’ या कोई दूसरी चिंता नहीं है। दास ने आरबीआई मुख्यालय में मौद्रिक समीक्षा के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार ने राजकोषीय मजबूती के तहत बजट में निर्धारित राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर कायम रहने का वादा किया है।
सरकार महामारी के बाद राजकोषीय मजबूती के लक्ष्य पर कायम
उन्होंने सरकार के वित्त को लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘जहां तक केंद्र सरकार के वित्त का सवाल है, मुझे कोई बड़ी समस्या या ऐसी कोई चीज नहीं दिखती है, जिसके बारे में केंद्रीय बैंक चिंतित हो।’’ उन्होंने कहा कि सरकार महामारी के बाद राजकोषीय मजबूती के लक्ष्य पर कायम है। इसमें अधिक खर्च के कारण कुछ बढ़ोतरी देखी गई थी। दास ने कहा कि महामारी के दौरान भी सरकार का खर्च सोचा-समझा और लक्षित था। उन्होंने कहा कि सरकार ने महामारी के बाद राजकोषीय सुदृढ़ीकरण का मसौदा जारी किया और मोटे तौर पर वे उस पर कायम हैं।