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CBI: बैंक धोखाधड़ी मामले में कॉरपोरेट पावर लिमिटेड के खिलाफ केस दर्ज, 4000 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के आरोप
Fri, 23 Dec 2022 06:01 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Fri, 23 Dec 2022 06:01 PM IST
सार
CBI: कोलकाता स्थित कंपनी ने कथित तौर पर 20 बैंकों के कंसोर्टियम से जुड़े 4037.87 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी की थी। सीबीआई की ओर से बताया गया है कि है कि वर्ष 2009 और 2013 के बीच उक्त उधारकर्ता ने परियोजना लागत विवरण में हेरफेर किया था और बैंक फंड को डमी खातों में डायवर्ट किया था।
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सीबीआई की छापेमारी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सीबीआई ने कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ 4,000 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी मामले प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने नागपुर, मुंबई, रांची, कोलकाता, दुर्गापुर, गाजियाबाद और विशाखापत्तनम सहित कई शहरों में बृहस्पतिवार को 16 स्थानों पर छापेमारी की। कोलकाता स्थित कंपनी ने कथित तौर पर 20 बैंकों के कंसोर्टियम से जुड़े 4037.87 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी की थी।
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सीबीआई की ओर से बताया गया है कि है कि वर्ष 2009 और 2013 के बीच उक्त उधारकर्ता ने परियोजना लागत विवरण में हेरफेर किया था और बैंक फंड को डमी खातों में डायवर्ट किया था। यह भी आरोप लगाया गया था कि मुख्य रूप से संबंधित पार्टियों और धन के लेनदेन सहित व्यापार प्राप्तियों को विभिन्न कंपनियों के खातों में भेज दिया गया जो डमी खाते थे; उन खातों से उधारकर्ता धन निकालने में सक्षम था। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा है कि एजेंसी ने प्राथमिकी में कंपनी और उसके प्रवर्तकों तथा निदेशकों को नामजद किया है।
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सीबीआई ने अभिजीत समूह प्रवर्तित कंपनी कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ 4,000 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने इस मामले में गुरुवार को नागपुर, मुंबई, रांची, कोलकाता, दुर्गापुर, गाजियाबाद और विशाखापत्तनम सहित कई शहरों में 16 स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में बिजली संयंत्र स्थापित करने के लिए अभिजीत समूह की ओर से प्रवर्तित कोलकाता स्थित विशेष प्रयोजन इकाई कॉरपोरेट पावर लिमिटेड ने कथित तौर पर 20 बैंकों के समूह से जुड़े 4037.87 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी की।
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उन्होंने कहा कि अभिजीत समूह की कई कंपनियां और उसके कुछ निदेशक कोयला घोटाला मामलों के सिलसिले में पहले से ही सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं और उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दायर किया गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी पावर लिमिटेड ने झारखंड के लातेहार जिले में 2,900 करोड़ रुपये की लागत से चार गुणा 135 मेगावाट क्षमता का 540 मेगावाट बिजली संयंत्र लगाने की योजना बनाई थी। एजेंसी की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि 2009 से 2013 के बीच कर्ज लेने वालों ने परियोजना लागत में हेरफेर किया और बैंक कोष का अन्यत्र इस्तेमाल किया। एजेंसी ने प्राथमिकी में मनोज जायसवाल, अभिषेक जायसवाल, अभिजीत जायसवाल, राजीव कुमार, बिशाल जायसवाल, मुन्ना कुमार जायसवाल, पीएन कृष्णन, राजीव गोयल, अरुण कुमार श्रीवास्तव, एसएन गायकवाड़, प्रेम प्रकाश शर्मा और अरुण गुप्ता सहित कंपनी और उसके प्रवर्तकों एवं निदेशकों को आरोपित बनाया है।