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मोदी की पहल को मिला अब बांग्लादेश का भी साथ, लेकिन पाकिस्तान और श्रीलंका ने नहीं बढ़ाया हाथ
Tue, 24 Mar 2020 12:49 AM IST
श्रीधर मिश्रा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Tue, 24 Mar 2020 12:49 AM IST
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पीएम मोदी की पहल
- फोटो : ANI
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दक्षेस देशों (SAARC Countries) में कोरोनावायरस महामारी को रोकने के लिए बनाए गये कोविड-19 आपातकालीन कोष में बांग्लादेश ने 15 लाख डालर का योगदान देने की घोषणा की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक करोड़ डालर की पेशकश के साथ इस कोष की शुरुआत की थी। दरअसल दक्षेस देशों में कोरोनावायरस को फैलने से रोकने और लोगों की इस वायरस से मदद करने के लिए इस कोष को बनाने का प्रस्ताव किया गया था।
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बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमेन ने इस पूरे मामले पर कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दक्षिण एशिया में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दक्षेस सचिवालय के पक्ष में इस राशि को मंजूरी दी है। अब्दुल मोमेन ने आगे बताया कि ढाका ने इस सबंध में दक्षेस सचिवालय को संदेश भेज दिया है। ऐसे में अब धनराशि भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
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बांग्लादेश की तरफ से इसकी जानकारी नयी दिल्ली को भी दी गई है। इस राहत कोष में सबसे पहले भारत ने एक करोड़ डालर का योगदान करने की घोषणा की थी। इसके बाद नेपाल और अफगानिस्तान की तरफ से 10 लाख डालर देने की घोषणा की गई। वहीं, मालदीव ने दो लाख डॉलर और भूटान ने एक लाख डालर देने की घोषणा की। दक्षेश देशों में अब केवल पाकिस्तान और श्रीलंका ही ऐसे देश हैं जिनकी तरफ से अब तक इस राहत कोष में योगदान देने की घोषणा नहीं की गई है।
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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव, भूटान और नेपाल को उनके योगदान के लिए धन्यवाद कहा था। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मार्च को दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस या SAARC) देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए आपातकालीन कोष का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को दूसरे देशों ने काफी सराहा। इसके अलावा भारत ने कोविड-19 आपातकालीन कोष में शुरुआती एक करोड़ डॉलर का योगदान किया है।