Davos: 'सीबीडीसी से सीमा पार भुगतान होगा आसान', आरबीआई गवर्नर बोले- डिजिटल करेंसी बनेगा मुद्रा का भविष्य
Davos: आरबीआई गवर्नर ने कहा कि डिजिटल करेंसी को देशव्यापी स्तर पर लॉन्च करने की सफलता, सीखने और पायलट प्रोजेक्ट की सफलता पर निर्भर करेगा। दास ने कहा, इसलिए हमें यही दूरी तय करनी है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास का मानना है कि डिजिटल मुद्रा या सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) लागत प्रभावी होने के अलावा सीमा पार भुगतान को अधिक कुशल और तेज बनाएगी। डिजिटल मुद्रा यानी ई-रूपी को भारत में नवंबर-दिसंबर 2022 में थोक और खुदरा दोनों श्रेणियों में पायलट आधार पर लॉन्च किया गया था। भारत के केंद्रीय बैंक के गवर्नर स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच में एक सत्र को संबोधित कर रहे थे।
Watch the interaction with Governor Shri Shaktikanta Das @DasShaktikanta at the World Economic Forum (WEF) Annual Meetings 2024 at Davos, Switzerland, on January 18, 2024, on the RBI YouTube channel:https://t.co/ew8OZWDZjL
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#RBI #rbigovernor #shaktikantadas #reservebankofindia— ReserveBankOfIndia (@RBI) January 19, 2024
उन्होंने कहा, "सीबीडीसी का सबसे बड़ा लाभ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमा पार भुगतान होगा। अंतरराष्ट्रीय सीमा पार भुगतान कहीं अधिक कुशल, तेज और बहुत अधिक लागत प्रभावी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब अन्य देश इस डिजिटल मुद्रा को अपनाएंगे तो अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली की दक्षता, गति और लागत में वृद्धि करेगी। आखिरकार, यह एक नई तकनीक है जो विकसित हो रही है और मुझे लगता है कि यह पैसे का भविष्य बनने जा रहा है।"
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि डिजिटल करेंसी को देशव्यापी स्तर पर लॉन्च करने की सफलता, सीखने और पायलट प्रोजेक्ट की सफलता पर निर्भर करेगा। दास ने कहा, इसलिए हमें यही दूरी तय करनी है। उन्होंने कहा, 'लेकिन हमारे पास कोई स्पष्ट तिथि नहीं है... हम इसे पूर्ण रूप से लागू करने की किसी जल्दबाजी में नहीं हैं क्योंकि डिजिटल मुद्रा बनने के बाद, इसकी सुरक्षा, अखंडता और दक्षता सुनिश्चित करनी होती है।"
खुदरा खंड में, वर्तमान में लगभग 40 लाख उपयोगकर्ता और चार लाख व्यापारी हैं जिन्हें ऑनबोर्ड किया गया है। उन्होंने दावोस फोरम को यह भी अवगत कराया कि यूपीआई भुगतान तंत्र और सीबीडीसी को इंटरऑपरेबल बनाया गया है। उन्होंने कहा, "ई-रुपये के लिए उपयोग किया जाने वाला क्यूआर कोड वही क्यूआर कोड है जो यूपीआई में उपयोग किया जाता है।"