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Supreme Court: 'किसी सरकारी कर्मचारी के वेतनमान में कटौती दंडात्मक कार्रवाई जैसा', सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
Thu, 08 Aug 2024 08:49 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 08 Aug 2024 08:49 PM IST
सार
Supreme Court: शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी कर्मचारी के वेतनमान को कम करने और अतिरिक्त राशि वसूलने के लिए सरकार की ओर से लिया गया निर्णय पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता है और वह भी लंबे अंतराल के बाद।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वेतनमान में कटौती और सरकारी कर्मचारी से वसूली का कोई भी कदम दंडात्मक कार्रवाई जैसा है क्योंकि इसके कठोर दीवानी और बुरे परिणाम होंगे।
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शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी कर्मचारी के वेतनमान को कम करने और अतिरिक्त राशि वसूलने के लिए राज्य सरकार की ओर से लिया गया निर्णय पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता है और वह भी लंबे अंतराल के बाद।
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न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के वेतनमान में कटौती के लिए बिहार सरकार के अक्टूबर 2009 के आदेश को रद्द कर दिया। राज्य ने उससे अतिरिक्त राशि की वसूली का भी निर्देश दिया था।
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पीठ ने अपने फैसले में कहा, 'हमारा विचार है कि वेतनमान में कटौती और सरकारी कर्मचारी से वसूली का कोई भी कदम दंडात्मक कार्रवाई के समान होगा क्योंकि इसके कठोर दीवानी और बुरे परिणाम होंगे।'
शीर्ष अदालत ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की ओर से दायर अपील पर अपना फैसला सुनाया, जिसने पटना उच्च न्यायालय के अगस्त 2012 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।