फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Amidst global challenges, MSME sales increased by more than 50 pc, exporters had to face tariff pressure

MSME: वैश्विक चुनौतियों के बीच 50% से अधिक एमएसएमई की बिक्री में इजाफा, निर्यातकों को झेलना पड़ा टैरिफ का दबाव

Thu, 31 Jul 2025 01:40 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Thu, 31 Jul 2025 01:40 PM IST
सार

एमएसएमई आउटलुक सर्वेक्षण के अनुसार भारत में आधे से अधिक विनिर्माण और व्यापारिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान बिक्री में वृद्धि दर्ज की है। हालांकि निर्यातकों को टैरिफ की मार झेलनी पड़ी। 

विज्ञापन
Amidst global challenges, MSME sales increased by more than 50 pc, exporters had to face tariff pressure
MSME - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

भारत में 50 प्रतिशत से अधिक विनिर्माण एमएसएमई ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान बिक्री में वृद्धि दर्ज की है। हालांकि निर्यात से जुड़े फर्म्स को टैरिफ की  मार झेलनी पड़ी। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) की ओर से हालिया एमएसएमई आउटलुक सर्वेक्षण (एमओएस) में यह जानकारी दी गई है। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें:  MPC: 'सतर्क रुख के साथ दरों में बदलाव की संभावना नहीं', आरबीआई की आगामी एमपीसी बैठक पर अर्थशास्त्रियों की राय
विज्ञापन


42 प्रतिशत सेवा क्षेत्र में हुई वृद्धि

सर्वेक्षण में पता चला कि अप्रैल से जून 2025 के दौरान सेवा क्षेत्र में 42 प्रतिशत एमएसएमई ने भी बिक्री में वृद्धि देखी। वहीं 48 प्रतिशत ने स्थिर बिक्री की सूचना दी। सालाना आधार पर सभी क्षेत्रों के एमएसएमई ने कहा कि उन्होंने बिक्री में वृद्धि देखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


40 प्रतिशत निर्यातकों ने टैरिफ की मार झेली
वहीं लगभग 40 प्रतिशत एमएसएमई निर्यातकों ने कहा कि वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चल रहे टैरिफ-संबंधी मुद्दों से प्रभावित हुए हैं। यह भारत व्यवसायों पर वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के प्रभाव को दर्शाता है। 

एमएसएमई समग्र रूप से सकारात्मक रहा
इन चुनौतियों के बावजूद, एमएसएमई के बीच समग्र मूड सकारात्मक बना हुआ है। अगली तिमाही के लिए समग्र एमएसएमई व्यवसाय अपेक्षा सूचकांक (एम-बीईआई) 62.19 रहा और वित्त वर्ष27 के लिए यह 67.88 रहा। ये आंकड़े इस क्षेत्र के लिए काफी आशावादी व्यवसायिक दृष्टिकोण का संकेत देते हैं। 


व्यापार और सेवा क्षेत्र में अधिक आशावाद
क्षेत्रवार आंकड़ों की बात करें तो व्यापार और सेवा क्षेत्र से जुड़े एमएसएमई में अधिक आशावाद देखने को मिला। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए एम-बीईआई व्यापार क्षेत्र में 68.32 और सेवा क्षेत्र में 68.24 दर्ज किया गया।

SIDBI सर्वेक्षण क्या है?
SIDBI सर्वेक्षण भारत में एमएसएमई की व्यावसायिक भावनाओं और अल्पकालिक अपेक्षाओं पर नजर रखता है। यह एमएसएमई बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स (एम-बीसीआई) की गणना करके इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण डेटा अंतराल को भरने में भी मदद करता है। यह चालू तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही बनाम वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही) के लिए धारणा को मापता है, और एमएसएमई बिजनेस एक्सपेक्टेशंस इंडेक्स (एम-बीईआई), जो भविष्य की तिमाहियों के लिए अपेक्षाओं को मापता है। ये सूचकांक छह प्रमुख मापदंडों पर आधारित हैं। इनमें बिक्री, लाभ मार्जिन, कुशल श्रम की उपलब्धता, कार्यशील पूंजी वित्त तक पहुंच, समग्र वित्त तक पहुंच और समग्र व्यावसायिक स्थिति शामिल है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed