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डोनाल्ड ट्रंप के H-1B वीजा पर अस्थायी रोक के खिलाफ दायर याचिका खारिज
Fri, 18 Sep 2020 02:57 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 18 Sep 2020 02:57 PM IST
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एच-1बी वीजा
- फोटो : social media
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भारतीय मूल के अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने 169 भारतीयों की अपील खारिज दी जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस साल के अंत तक एच-1बी वीजा के आधार पर आने वाले विदेशियों के देश में प्रवेश करने पर लगाई गई अस्थायी रोक को चुनौती दी गई थी।
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क्या है एच-1बी वीजा?
गौरतलब है कि एच-1बी वीजा गैर-आव्रजन वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को सैद्धांतिक एवं प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता वाले पदों पर विदेशी कामगारों को नियुक्त करने की सुविधा देता है। प्रौद्योगिकी कंपनिया हर साल भारत और चीन जैसे देशों के हजारों कामगारों की नियुक्ति पर निर्भर हैं।
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क्या है मामला?
कोलंबिया जिले की संघीय अदालत के जिला न्यायाधीश अमित पी मेहता ने बुधवार को दिए आदेश में कहा कि भारतीय नागरिक जो सीमा बंद होने के बाद भारत में फंस गए हैं, उनका मुकदमा जीतना असंभव है जिसमें ट्रंप द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को चुनौती दी गई है। मेहता ने कहा कि 169 भारतीय नागरिकों ने अपने मुदकमे में विदेश मंत्री और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को डीएस-160 वीजा आवेदन पर प्रक्रिया करने, निस्तारण करने और अंतिम फैसला करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है लेकिन यह प्रक्रिया तब बेकार साबित होगी जब शिकायतकर्ता एक जनवरी 2021 तक देश में प्रवेश करने से अयोग्य हैं।
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उन्होंने कहा कि ऐसे किसी आदेश से सीमित संसाधन की अर्हता रखने वाले लोगों के आवदेन की प्रक्रिया से दूसरी ओर मुड़ने का खतरा होगा जिन्हें राष्ट्रपति की घोषणा से छूट दी गई है और इससे वीजा प्राप्तकर्ताओं के बीच भ्रम का माहौल पैदा होगा जो देश में प्रवेश करने की कोशिश करेंगे और जिन्हें हवाई अड्डे पर प्रवेश देने से इनकार ही किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यह मुकदमा उन भारतीयों ने दायर किया था जो हाल तक अमेरिका में कानूनी तौर पर गैर-आव्रजक दर्जे के साथ अस्थायी कामगार के तौर पर रहे थे और जिनको अमेरिकी आंतरिक मंत्रालय ने मंजूरी थी। हालांकि, वे विभिन्न कारणों से भारत गए और अब अमेरिका आने के लिए उन्हें वीजा की जरूरत है।