2020-21 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र का आवंटन देश की GDP का 1.58 फीसदी: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय
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जब भी बात हमारे स्वास्थ्य की होती है, तो मन में कई तरह की चिताएं जरूर आती हैं। बात कोरोना महामारी की ही करें तो इस बीमारी ने क्या आम और क्या खास, हर किसी को डराकर रख दिया। कोरोना ने लाखों लोगों की जान ले ली और करोड़ों लोगों को इस बीमारी का शिकार भी होना पड़ा। इसी को ध्यान में रखते हुए देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपये के बजट की घोषणा भी की।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि साल 2020-21 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को जीडीपी का 1.8 फीसदी आवंटन किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2,23,846 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन का प्रस्ताव रखा है। मौजूदा वित्त वर्ष में यह आवंटन 94,452 करोड़ रुपये का है। यानी अगले वित्त वर्ष के लिए इसमें 137 फीसदी का इजाफा किया गया है। 2019-20 के लिए आवंटन 86,259 करोड़ रुपये था।
Allocation to the health sector for 2020-21 is 1.8% of GDP: Union Health Ministry pic.twitter.com/jbFItGEl5d
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 15, 2021
चिकित्सा जगत ने किया स्वागत
मालूम हो कि चिकित्सा जगत ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा बजट आवंटन में बढ़ोतरी का स्वागत किया और कहा कि यह कदम देश में सभी के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गति बढ़ेगी। अपोलो अस्पताल समूह के प्रमुख प्रताप सी रेड्डी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट आवंटन में वृद्धि से देश में सभी के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने में भारत के प्रयास उत्कृष्ट रहे हैं।
आवंटन बढ़ाना निश्चित रूप से अच्छा संकेत- रेड्डी
रेड्डी के अनुसार, 'अब कोविड-19 के लिए 35,000 करोड़ रुपये का आवंटन और जरूरत पड़ने पर और भी आवंटित करने की प्रतिबद्धता, हमारे गौरवपूर्ण देश को दुनिया के सामने आदर्श के तौर पर खड़ा करती है। अब हमें गैर-संक्रामक रोगों के अगले संकट की ओर देखना चाहिए जो 2030 तक 80 फीसदी मौतों के लिए जिम्मेदार होंगे और इनसे देश पर 3.8 हजार अरब डॉलर का बोझ पड़ेगा।' मनिपाल अस्पताल समूह के प्रबंध निदेशक दिलीप जोस ने कहा कि वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की ओर विशेष ध्यान दिया है। आवंटन बढ़ाना निश्चित रूप से देश के लिए अच्छा संकेत होगा।