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Maharashtra: धर्मार्थ ट्रस्ट के सदस्यों पर लगे वित्तीय अनियमितता के आरोप, अदालत ने नियुक्त किए 11 नए ट्रस्टी

Sun, 23 Mar 2025 11:55 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे Published by: बशु जैन Updated Sun, 23 Mar 2025 11:55 AM IST
सार

ठाणे के एक धर्मार्थ ट्रस्ट के पुराने ट्रस्टियों पर ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितता करने और प्रशासनिक खामियां करने का आरोप लगा है। इसके बाद ठाणे की एक अदालत ने पिछले ट्रस्टियों को फिर से नियुक्त करने से इनकार कर दिया और 11 नए ट्रस्टियों को नियुक्त किया है।

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Allegations of financial irregularities against members of charitable trust, court appointed 11 new trustees
अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई (सांकेतिक) - फोटो : ANI

विस्तार

ठाणे के एक धर्मार्थ ट्रस्ट के पुराने ट्रस्टियों पर ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितता करने और प्रशासनिक खामियां करने का आरोप लगा है। इसके बाद ठाणे की एक अदालत ने पिछले ट्रस्टियों को फिर से नियुक्त करने से इनकार कर दिया और 11 नए ट्रस्टियों को नियुक्त किया है।

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भिवंडी के जिला न्यायाधीश एनके करांडे ने कहा कि ट्रस्ट के प्रशासन और विकास के लिए भीमेश्वर सदगुरु नित्यानंद संस्था के नए ट्रस्टियों की नियुक्ति जरूरी है। अदालत ने फैसला सुनाया कि मौजूदा ट्रस्टियों के खिलाफ जांच चल रही है और उन्होंने प्रशासनिक खामियां की हैं। भीमेश्वर सदगुरु नित्यानंद संस्था गणेशपुरी बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम, 1950 के तहत एक पंजीकृत धर्मार्थ ट्रस्ट है। यहां ट्रस्टियों को पांच साल के लिए नियुक्त किया जाता है। कार्यकाल समाप्त होने पर जिला न्यायालय द्वारा नई नियुक्तियां की जाती हैं। 
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पिछले ट्रस्टियों को 2016 में पांच साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल 16 नवंबर 2021 को समाप्त हो गया। नियुक्ति प्रक्रिया में देरी और वित्तीय अनियमितताओं के कई आरोपों के कारण मुकदमेबाजी चलने से नए सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो सकी।

कई ट्रस्टियों के खिलाफ वित्तीय कुप्रबंधन समेत कई शिकायतें मिलीं। चैरिटी कमिश्नर की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ ट्रस्टियों के खिलाफ चल रही अनियमितता, अनादर, कदाचार की शिकायतों की जांच चल रही है। वहीं ग्रामीणों, ट्रस्ट कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी ट्रस्ट प्रशासन और आर्थिक लेन-देन पर चिंता जताई थी। कई ट्रस्टी वर्ष 2019-2020 और 2020-21 के लिए ऑडिट रिपोर्ट और वित्तीय खाते जमा करने में भी विफल रहे।


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इसके बाद कोर्ट ने माना कि ट्रस्ट के प्रभावी प्रशासन और विकास के लिए नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की आवश्यकता है। कोर्ट ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी करके ट्रस्टी बनने के लिए आवेदन मांगे। कोर्ट को 152 आवेदन प्राप्त हुए। इसके बाद आवेदकों के आपराधिक रिकॉर्ड, आवासीय प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, फिटनेस प्रमाण पत्र और अन्य हलफनामों की जांच की गई। इसके बाद कोर्ट ने माना कि 75 आवेदक आवश्यक मानदंडों को पूरा करते थे।

कठोर चयन प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने 11 नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की। इसमें सुनील ज्ञानोबा पोटे, जगन्नाथ पोसो पाटिल, अनुजा अमोल सिंगलवार, नयन सिंह जतन सिंह ठाकोर, उदय ईश्वरलाल व्यास, रवींद्र चंदूलाल शुक्ला, विट्ठल मोहन राजपूत, ललिता नितान जोशी, अमित किसन राउत, आनंद प्रभाकर अन्वेकर और सुगंधा सचिन जाधव शामिल हैं। 

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