फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   air passengers can call during flight from august as telecom ministry clears proposal

हवाई यात्रा में अगस्त से मिलेंगी मोबाइल से कॉल करने की सुविधा, दूरसंचार विभाग ने मांगे सुझाव

Fri, 20 Jul 2018 03:54 AM IST
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 Jul 2018 03:54 AM IST
विज्ञापन
air passengers can call during flight from august as telecom ministry clears proposal

अगले महीने से हवाई यात्रा के दौरान यात्री मोबाइल पर बातचीत या डाटा का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए दूरसंचार विभाग ने इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी के दिशा-निर्देशों का मसौदा तैयार कर लिया है। विभाग ने इस पर जुलाई अंत तक केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अंतरिक्ष विभाग के सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद विभाग अगले महीने इस पर दिशा-निर्देश जारी कर देगा। इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी सेवा मुहैया कराने में स्पाइसजेट और जेट एयरवेज पहले ही दिलचस्पी जता चुकी हैं, जबकि अन्य विमानन कंपनियां भी इसके लिए इच्छुक हैं।  

विज्ञापन

 
भारतीय उपग्रह का करना होगा इस्तेमाल 
विभाग के मुताबिक, यह सेवा मुहैया कराने के लिए कंपनियों को भारतीय उपग्रह का इस्तेमाल करना होगा, जबकि किसी अन्य देश के उपग्रह के इस्तेमाल के लिए अंतरिक्ष विभाग की मंजूरी अनिवार्य होगी।   
विज्ञापन

इन-फ्लाइट सेवा प्रदाता को सरकार एक रुपये में लाइसेंस मुहैया कराएगी।

हालांकि उड़ान की सुरक्षा के मद्देनजर टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त मोबाइल का इस्तेमाल प्रतिबंधित होगा। माना जा रहा है कि उड्डयन मंत्रालय सुरक्षा कारणों से संबंधित क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश भी जारी करेगा, जिसमें निर्धारित समय में सेवाएं नहीं मुहैया कराने जैसी शर्तें होंगी। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, विमानन कंपनियां इन सेवाओं के लिए शुल्क भी तय करेंगी, जिसे ग्राहकों को अदा करना होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कई देशों में पहले से है यह सुविधा 

air passengers can call during flight from august as telecom ministry clears proposal

करीब 30 विदेशी विमानन कंपनियां भारतीय हवाई सीमा से इतर कई देशों में इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी मुहैया कराती हैं। इनमें एयर एशिया, एयर फ्रांस, ब्रिटिश एयरवेज सहित अन्य विमानन कंपनियां शामिल हैं।

भारतीय हवाई क्षेत्र को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश और क्रियान्वयन नियम नहीं होने की वजह से इन कंपनियों को भारत में यह सेवा बंद करनी पड़ती है। विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बाद कंपनियां आसानी से यात्रियों को हवाई यात्रा के दौरान यह सेवाएं मुहैया करा सकेंगी।   

सरकार ने ग्राहकों को यह सेवा मुहैया कराने के लिए दूरसंचार नियामक की सिफारिश के बाद आगे कदम बढ़ाया। इससे पहले दूरसंचार आयोग द्वारा ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान की गई थी। गौरतलब है कि सुरक्षा के मद्देनजर इन फ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए भारतीय उपग्रह का इस्तेमाल करना तय किया गया है, जबकि यह नियम ट्राई की उस सिफारिश के खिलाफ है, जिसमें इस सेवा के मुहैया कराने में विदेशी उपग्रह और गेटवे के इस्तेमाल की सिफारिश की गई थी। लेकिन दूरसंचार आयोग ने विदेशी उपग्रह के प्रयोग को अस्वीकार कर दिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed