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एयर इंडिया: 10 साल में डुबाए 1.57 लाख करोड़ रुपये, टाटा समूह को सौंपे जाने तक सरकार को खर्च करनी होगी मोटी रकम
Thu, 14 Oct 2021 01:21 AM IST
देव कश्यप
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 14 Oct 2021 01:21 AM IST
सार
टाटा समूह को एयर इंडिया की कमान सौंपे जाने के बाद भी सरकार के हिस्से बड़ी बकाएदारी रहेगी। इसका भुगतान भी करदाताओं के पैसों से ही किया जाना है। 2009-10 से अभी तक एयर इंडिया के पीछे खर्च हुई रकम में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी कर्ज और बकाया भुगतान की रही।
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एयर इंडिया
- फोटो : PTI
विस्तार
भारी घाटे और कर्ज में डूबी देश की एकमात्र सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को लंबी जद्दोजहद के बाद खरीदार तो मिल गया, लेकिन पिछले 10 साल में इस विमानन कंपनी ने करदाताओं के 1,57,339 करोड़ रुपये हवा में उड़ा दिए। दिसंबर में कंपनी की कमान टाटा समूह को सौंपे जाने तक सरकार को इसके पीछे भारी-भरकम राशि खर्च करनी पड़ेगी।
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बाजार विश्लेषकों का कहना है कि एयरलाइंस को चलाने के लिए सरकार को अभी तक मोटी रकम खर्च करनी पड़ी है। टाटा समूह को इसकी कमान सौंपे जाने के बाद भी सरकार के हिस्से बड़ी बकाएदारी रहेगी। इसका भुगतान भी करदाताओं के पैसों से ही किया जाना है। 2009-10 से अभी तक एयर इंडिया के पीछे खर्च हुई रकम में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी कर्ज और बकाया भुगतान की रही। 2019 में सरकार ने स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के तहत नई कंपनी एयर इंडिया एसेट होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) बनाकर उसमें 29,464 करोड़ रुपये डाल दिए थे। यानी कंपनी के खरीदार को इस कर्ज का भुगतान नहीं करना होगा, बल्कि सरकार चुकाएगी।
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सरकार के पास बचेगी 14,718 करोड़ की संपत्ति
विनिवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार के पास एयर इंडिया की नॉन कोर संपत्ति बचेगी। इसमें भूमि, भवन, पेंटिंग, होटल आदि शामिल होंगे। विश्लेषकों का अनुमान है कि इस संपत्ति की कुल कीमत 14,718 करोड़ रुपये होगी। इसमें 7-8 हजार करोड़ की भूमि, 3-4 हजार करोड़ के भवन, पेंटिंग व अन्य सामानों की अनुमानित कीमत 2,000 करोड़ रुपये होगी। हालांकि, इस कीमत पर खरीदार मिलना मुश्किल होगा। इसके अलावा सरकार के पास एयर इंडिया की चार अनुषंगी कंपनियों की भी जिम्मेदारी रहेगी, जिनका मूल्यांकन करीब 1,000 करोड़ रुपये होगा। लिहाजा इन संपत्तियों के भी खरीदार मिलना मुश्किल होगा।
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कहां-कितना पैसा जाएगा
| मौजूदा कर्ज | 46,262 करोड़ |
| वेंडर का बकाया | 15,834 करोड़ |
| सितंबर-दिसंबर घाटा | 2,661 करोड़ |
| सरकार ने लगाई पूंजी | 1.10 लाख करोड़ |
| टाटा से मिलेंगे | 2,700 करोड़ |
| बची संपत्ति का मूल्य | 14,718 करोड़ |
| कुल खर्च की गई पूंजी | 1,57,339 करोड़ |