{"_id":"69fdd072c7f9660553086830","slug":"air-india-mandates-strict-cost-cuts-amid-financial-crisis-assures-zero-layoffs-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Air India: सीईओ ने दिए खर्चों में कटौती के सख्त निर्देश, बोले-कर्मचारियों के लिए छंटनी का कोई खतरा नहीं","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Air India: सीईओ ने दिए खर्चों में कटौती के सख्त निर्देश, बोले-कर्मचारियों के लिए छंटनी का कोई खतरा नहीं
Fri, 08 May 2026 05:31 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 08 May 2026 05:31 PM IST
सार
एअर इंडिया में वित्तीय संकट के बीच सीईओ ने खर्चों में कटौती के निर्देश दिए हैं। हालांकि, कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है कि कोई छंटनी नहीं होगी। पूरी बिजनेस रिपोर्ट पढ़ें।
विज्ञापन
एअर इंडिया (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
देश के प्रमुख विमानन ब्रांड एअर इंडिया ने अपने मौजूदा वित्तीय संकट से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कंपनी प्रबंधन ने एक ओर जहां वित्तीय अनुशासन लागू करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं, वहीं दूसरी ओर अपने कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का ठोस भरोसा भी दिलाया है। यह कदम बताता है कि एयरलाइन बिना अपनी वर्कफोर्स को प्रभावित किए, खर्चों को कम करके अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
विज्ञापन
गैर-जरूरी खर्चों पर लगेगी लगाम
एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कैंपबेल विल्सन ने कंपनी में चल रहे वित्तीय संकट के मद्देनजर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से गैर-जरूरी खर्चों को निलंबित कर दें और भविष्य के अनावश्यक खर्चों को भी फिलहाल टाल दें। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए विल्सन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कंपनी का पूरा ध्यान अब किसी भी तरह की बर्बादी और धन के रिसाव को खत्म करने पर होना चाहिए। यह कड़ा वित्तीय अनुशासन कंपनी को मौजूदा आर्थिक संकट से उबारने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
विज्ञापन
नौकरियों पर नहीं मंडरा रहा कोई खतरा
आमतौर पर खर्चों में कटौती और वित्तीय संकट की खबर के बीच कर्मचारियों में छंटनी का डर पैदा हो जाता है, लेकिन एअर इंडिया के प्रबंधन ने इस डर को तुरंत दूर करने का प्रयास किया है। एअर इंडिया के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (सीएचआरओ) रविंद्र कुमार जीपी ने कर्मचारियों के साथ आयोजित एक टाउनहॉल बैठक के दौरान स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए साफ तौर पर बताया कि कंपनी के भीतर फिलहाल छंटनी की कोई आशंका नहीं है। प्रबंधन के इस आधिकारिक बयान ने कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है और यह सुनिश्चित किया है कि कंपनी खर्चों में कटौती का दबाव अपनी टीम पर नहीं डालेगी।
विज्ञापन
संकट के मुख्य कारण: महंगा ईंधन और भू-राजनीतिक तनाव
सीईओ कैंपबेल विल्सन ने विमानन क्षेत्र के सामने आ रही बड़ी बाहरी चुनौतियों को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस संकट के प्रमुख कारणों में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का लंबे समय से बंद रहना, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष के कारण हवाई मार्ग का बाधित होना, रुपये के मूल्य में भारी गिरावट और विमानन ईंधन (जेट फ्यूल) की कीमतों में 2.5 से 3 गुना तक की बेतहाशा वृद्धि शामिल है। इन सभी कारकों ने एयरलाइन की परिचालन लागत को काफी बढ़ा दिया है, जिसका सीधा और प्रतिकूल असर उपभोक्ताओं के विश्वास और यात्रा भावनाओं पर पड़ा है।
इंक्रीमेंट टला, लेकिन वेरिएबल पे और प्रमोशन रहेंगे जारी
कर्मचारियों के वित्तीय मामलों पर मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (सीएचआरओ) रविंद्र कुमार जीपी ने स्पष्ट किया कि एयरलाइन पिछले वित्त वर्ष के लिए कर्मचारियों को 'वेरिएबल पे' (परिवर्तनशील वेतन) का भुगतान करेगी और पहले से तय प्रमोशन की प्रक्रिया को भी जारी रखेगी। हालांकि, मौजूदा अनिश्चित आर्थिक माहौल को देखते हुए वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) को कम से कम एक तिमाही के लिए टालने का फैसला किया गया है। इस बीच मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) संजय शर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025 तक बेड़े के विस्तार के कारण मजबूत राजस्व वृद्धि देखी गई थी, लेकिन बाहरी अनिश्चितताओं के चलते वित्त वर्ष 2026 में राजस्व में नरमी आई है।
परिचालन में सुधार और भविष्य का सकारात्मक आउटलुक
इन भारी चुनौतियों और वित्तीय दबावों के बावजूद कंपनी के परिचालन और विकास मानकों में सकारात्मक रुझान बना हुआ है। कंपनी ने अपने निजीकरण (2022) से 2025 के बीच राजस्व में लगभग 40 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज की है। परिचालन के मोर्चे पर भी एयरलाइन का प्रदर्शन बेहतर हुआ है; घरेलू उड़ानों का ऑन-टाइम प्रदर्शन (ओटीपी) वित्त वर्ष 2026 में 73 प्रतिशत से सुधरकर 76 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा, फ्लीट अपग्रेड (विमानों के आधुनिकीकरण) और बेहतर सेवाओं के कारण 'कस्टमर नेट प्रमोटर स्कोर' (एनपीएस) 50 प्रतिशत के उछाल के साथ 30 पर पहुंच गया है, जो ग्राहकों के सुधरते अनुभव को दर्शाता है।
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन