जेट के बाद बंद हो सकती है एयर इंडिया, नौ हजार करोड़ का है कर्ज
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जेट एयरवेज के बाद सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया के पर भी बंद होने बादल छा रहे हैं। कंपनी के ऊपर फिलहाल नौ हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। ऐसे में अगर सरकार ने इसकी मदद नहीं की, तो फिर यह भी बंद हो सकती है। हालांकि अब एयर इंडिया को मदद देने के फैसला जून में ही हो पाएगा, जब नई सरकार केंद्र में शपथ लेगी।
नहीं मिली मदद तो जेट जैसा हाल
अगर एयर इंडिया को सरकार की तरफ से मदद नहीं मिली तो फिर इसका हाल भी जेट एयरवेज जैसा हो सकता है। एयर इंडिया और नागर विमानन मंत्रालय ने इस बारे में वित्त मंत्रालय को सूचना दे दी है।
डिफॉल्ट हो सकती है ईएमआई
एयर इंडिया को इस साल भी कई बैंकों को किस्त जमा करनी है, हालांकि इसके पास इतना पैसा नहीं है कि वो इसको चुका सके। ऐसे में लोन की ईएमआई डिफॉल्ट हो सकती है।
रोजाना हो रहा है छह करोड़ रुपये का नुकसान
एयर इंडिया को फिलहाल रोजाना छह करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान ने अपने हवाई मार्ग को बंद कर दिया था। ऐसे में यूरोप और अमेरिका की फ्लाइट्स को काफी लंबा रूट लेना पड़ रहा था।
सरकार नहीं करेगी फंडिंग
हालांकि नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि सरकार पहले ही 29 हजार करोड़ का कर्जा अपने ऊपर ले चुकी है। इसके अलावा इसमें 2700 करोड़ का ब्याज भी शामिल है। अब सरकार किसी तरह की कोई मदद नहीं करेगी। अगर भाजपा की सरकार दोबारा से बनती है तो वो 100 फीसदी हिस्सेदारी को बेच देगी।
चुनाव के बाद तय होगा भविष्य
हालांकि एयर इंडिया का भविष्य क्या होगा, इसका फैसला चुनाव के बाद होगा। पिछले साल एयर इंडिया पर 54 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था। उस समय सरकार ने अपनी 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी, लेकिन फिलहाल उसे सफलता नहीं मिली है।