चार महीने बाद कोर सेक्टर में दिखा इजाफा, जीडीपी में दिख सकते हैं सुधार के संकेत
- आर्थिक सुस्ती से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था को उद्योग के मोर्चे पर मिली राहत
- 1.3 फीसदी पर आ गई वृद्धि दर इन क्षेत्रों की दिसंबर, 2019 में
- कोयला, उर्वरक और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में तेजी से हुआ सुधार
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आर्थिक सुस्ती से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था को उद्योग के मोर्चे पर शुक्रवार को राहत मिली है। कोयला, उर्वरक और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में तेजी आने के कारण दिसंबर में आठ बुनियादी क्षेत्रों (कोर) की वृद्धि दर सुधरकर 1.3 फीसदी पर आ गई। लगातार चार महीने गिरावट के बाद दिसंबर में बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन बढ़ा है। कोर सेक्टर का जीडीपी में बड़ा योगदान होता है। अगर इन सेक्टर की हालत आगे भी सुधरती है, तो फिर इसका फा
शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आलोच्य अवधि में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे आठ बुनियादी क्षेत्रों में तेजी के बावजूद यह दिसंबर, 2018 के 2.1 फीसदी के मुकाबले कम है। दिसंबर, 2019 में कोयला, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक उद्योग के उत्पादन में तेजी आई।
इनमें दिखी गिरावट
वहीं, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली उद्योग के उत्पादन में गिरावट देखने को मिली। इस अवधि में इस्पात और सीमेंट क्षेत्रों के उत्पादन की वृद्धि दर घटकर क्रमश: 1.9 फीसदी और 5.5 फीसदी पर रह गई।
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-दिसंबर अवधि के दौरान बुनियादी उद्योग की वृद्धि दर 0.2 फीसदी रही, जो एक साल पहले की समान अवधि में 4.8 फीसदी रही थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल की जाने वाली वस्तुओं में बुनियादी ढांचा क्षेत्र का 40.27 फीसदी योगदान होता है।