Layoff: तीन महीने में एक्सेंचर से 11000 कर्मचारियों की छंटनी, दावा- एआई के बढ़ते असर के कारण लिया गया फैसला
कंसल्टिंग फर्म एक्सेंचर ने पिछले तीन महीनों में दुनिया भर में 11,000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला है। कंपनी की सीईओ जूली स्वीट ने कहा कि रिस्किलिंग की तुलना में कर्मचारियों को बाहर निकालना कंपनी के लिए बेहतर विकल्प साबित हो रहा है।
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ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म एक्सेंचर ने पिछले तीन महीनों में दुनिया भर में 11,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की है। टेक जानकारों का मानना है कि तेजी से बढ़ रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मांग और कॉरपोरेट सेक्टर में सुस्ती इसकी बड़ी वजह है।
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कर्मचारियों की छंटनी है बेहतर विकल्प
कंपनी की सीईओ जूली स्वीट ने कहा कि रिस्किलिंग की तुलना में कर्मचारियों को बाहर निकालना कंपनी के लिए बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह छंटनी 865 मिलियन डॉलर के पुनर्गठन प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने वर्कफोर्स को एआई- संचालित समाधानों की मांग के अनुरूप ढाल रही है।
कंपनी अपस्किलिंग में कर रही निवेश
हालांकि छंटनी के साथ ही कंपनी अपस्किलिंग पर भी निवेश कर रही है। हाल ही में ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट किया था कि एक्सेंचर अपने सात लाख से ज्यादा कर्मचारियों को एजेंटिक एआई में प्रशिक्षित कर रही है। स्वीट के मुताबिक हर नई टेक्नोलॉजी के दौर में रिट्रेनिंग और री-टूलिंग की जरूरत होती है, और एक्सेंचर इसे बड़े स्तर पर करने में सक्षम है।
चौथी तिमाही में किया 17.6 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने चौथी तिमाही में 17.6 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया। यह मार्केट अनुमान 17.36 अरब डॉलर से अधिक है। वहीं, वित्त वर्ष 2026 में एक्सेंचर को दो से पांच प्रतिशत की ग्रोथ की उम्मीद है, जो कि एलएसईजी के 5.3 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा कम है।