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Adani: अबू धाबी के आईएचसी, श्रीलंका पोर्ट अथॉरिटी व तंजानिया ने अदाणी समूह पर लिया फैसला, संबंधों पर यह कहा
Thu, 28 Nov 2024 02:43 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 28 Nov 2024 02:43 PM IST
सार
Adani Row: अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी), जो 100 अरब डॉलर के करीब की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने वाली सबसे बड़ी सॉवरेन फंडों में से एक है ने साफ किया है कि वह अदाणी समूह में अपना निवेश जारी रखेगी। इसके अलावा श्रीलंका और तंजानिया से भी समूह के लिए अच्छी खबर है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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अदाणी विवाद
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी), जो 100 अरब डॉलर के करीब की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने वाली सबसे बड़ी सॉवरेन फंडों में से एक है ने साफ किया है कि वह अदाणी समूह में अपना निवेश जारी रखेगी। आईएचसी ने कहा है कि अदाणी समूह के संस्थापक अध्यक्ष गौतम अदाणी पर अमेरिका में लगे अभियोग के बावजूद समूह के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आईएचसी ने कहा है कि हालिया घटनाक्रम से उसके दृष्टिकोण नहीं बदला है।
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अदाणी समूह के प्रमुख विदेशी निवेशकों में से एक आईएचसी ने एक बयान में कहा, "अदाणी समूह के साथ हमारी साझेदारी हरित ऊर्जा और स्थिरता क्षेत्रों में उनके योगदान में हमारे विश्वास को दर्शाती है।" आईएचसी ने कहा, "हमारे सभी निवेशों की तरह, हमारी टीम प्रासंगिक जानकारी और विकास का मूल्यांकन करती रहती है। इस समय, इन निवेशों पर हमारे दृष्टिकोण में कोई बदलाव नहीं हुआ है।"
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अप्रैल 2022 में आईएचसी ने अदाणी समूह की कंपनी ग्रीन एनर्जी और बिजली कंपनी अदाणी ट्रांसमिशन में लगभग 500 मिलियन अमरीकी डालर का निवेश किया था। इसके अलावे, समूह की होल्डिंग कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज में इसका 1 बिलियन अमरीकी डालर का निवेश है। बाद में, उन्होंने AGELमें अपनी 1.26 प्रतिशत हिस्सेदारी और एटीएल में 1.41 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी, जिसे अब अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड कहा जाता है। हालांकि, आईएचसी ने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 5 प्रतिशत से अधिक कर दी।
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आईएचसी का यह बयान अदाणी समूह की ओर से इस बात पर जोर दिए जाने के तुरंत बाद आया है कि उसके चेयरमैन और उनके सहयोगियों पर अमेरिकी विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम के तहत आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन उन पर प्रतिभूति और वायर धोखाधड़ी सहित तीन अन्य आरोप लगाए गए हैं, जोद महज मौद्रिक जुर्माने से दंडनीय हैं।
इस बीच, अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों ने भी अदाणी समूह के प्रति अपना निरंतर समर्थन व्यक्त किया है। श्रीलंका बंदरगाह प्राधिकरण ने अदाणी के साथ अपनी साझेदारी में अपना निरंतर विश्वास व्यक्त किया है, क्योंकि भारतीय समूह श्रीलंका में बंदरगाह के बुनियादी ढांचे के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लंबो टर्मिनल में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश के साथ, यह परियोजना श्रीलंका के बंदरगाह क्षेत्र में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बनने की ओर अग्रसर है।
श्रीलंका बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष एडमिरल सिरीमेवान रणसिंघे (सेवानिवृत्त) ने कथित तौर पर कहा है कि परियोजना को रद्द करने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है। यह परियोजना अगले कुछ महीनों में चालू हो जाएगी। इसके अलावा, तंजानिया सरकार ने भी अदाणी के साथ अपने समझौतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है। उसका मानना है कि चल रही परियोजनाओं के संबंध में कोई चिंता नहीं है और सभी अनुबंध तंजानिया के कानून का पूरी तरह से अनुपालन करते हैं।
मई 2024 में, तंजानिया और अदाणी पोर्ट्स ने दार एस सलाम बंदरगाह पर कंटेनर टर्मिनल 2 को संचालित करने के लिए 30 साल के समझौते को अंतिम रूप दिया था। इसके अलावे, अदाणी पोर्ट्स ने सरकारी स्वामित्व वाली संस्था तंजानिया इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल सर्विसेज में 95 प्रतिशत हिस्सेदारी 95 मिलियन डॉलर में हासिल कर ली थी।
केरल और अदाणी पोर्ट्स ने विझिंजम बंदरगाह के विकास के लिए पूरक समझौता किया
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को राज्य सरकार और अदाणी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक पूरक रियायत समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की। इस समझौते से अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का भविष्य का विकास सुनिश्चित होगा, जिसका पहला चरण अगले महीने चालू होने वाला है। गुरुवार को हस्ताक्षर किए गए इस समझौते के अनुसार, केरल के समुद्री बुनियादी ढांचे में एक परिवर्तनकारी कदम के रूप में देखी गई इस परियोजना का दूसरा और तीसरा चरण 2028 तक पूरा हो जाएगा।
इन चरणों में 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश शामिल होगा, जिससे बंदरगाह की क्षमता 30 लाख ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट (टीईयू) तक बढ़ जाएगी। विजयन ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "हमने परियोजना अवधि को 5 साल के लिए बढ़ाने और दिसंबर तक बंदरगाह को चालू करने के लिए विझिंजम पोर्ट पर अदाणी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक पूरक रियायत समझौता किया है। चूंकि 2028 तक दूसरा और तीसरा चरण पूरा होने वाला है, इसलिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे बंदरगाह की क्षमता 30 लाख टीईयू तक बढ़ जाएगी।" उन्होंने कहा, "यह उपलब्धि व्यापक विकास और वैश्विक कनेक्टिविटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।"