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Pakistan: 'पड़ोसी की हालत ठीक नहीं', विश्व बैंक ने कहा- एक करोड़ पाकिस्तानी गरीबी के भंवर में फंस सकते हैं
Wed, 03 Apr 2024 04:36 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 03 Apr 2024 04:36 PM IST
सार
Pakistan Poverty: विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक विकास दर 1.8 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि गरीबी दर लगभग 40 प्रतिशत पर बनी रहेगी। लगभग 9.8 करोड़ पाकिस्तानी पहले से ही गरीबी से जूझ रहे हैं।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
- फोटो : Social Media
विस्तार
विश्व बैंक ने अपनी द्विवार्षिक रिपोर्ट में पाकिस्तान की एक गंभीर आर्थिक तस्वीर पेश की है और आगाह किया है कि नकदी की कमी से जूझ रहे इस देश में एक करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी के भंवर में फंस सकते हैं। वाशिंगटन स्थित ऋणदाता ने यह आशंका 1.8 प्रतिशत की सुस्त आर्थिक विकास दर और बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण जाहिर की है, जो चालू वित्त वर्ष में 26 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
विश्व बैंक की द्विवार्षिक पाकिस्तान डेवलपमेंट आउटलुक रिपोर्ट ने संकेत दिया कि देश लगभग सभी प्रमुख व्यापक आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने में चूक सकता है। अंतरराष्ट्रीय ऋणदाता ने कहा कि देश को अपने प्राथमिक बजट लक्ष्य से कम होने का अनुमान है, लगातार तीन वर्षों तक घाटे में रहना, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तों के विपरीत है।
रिपोर्ट के प्रमुख लेखक सैयद मुर्तजा मुजफ्फरी ने कहा कि पाकिस्तान में मामूली आर्थिक सुधार के बावजूद, गरीबी उन्मूलन के प्रयास अपर्याप्त साबित हुए हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक विकास दर 1.8 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि गरीबी दर लगभग 40 प्रतिशत पर बनी रहेगी। लगभग 9.8 करोड़ पाकिस्तानी पहले से ही गरीबी से जूझ रहे हैं।
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रिपोर्ट में गरीबी रेखा से ठीक ऊपर रहने वालों के बारे में कहा गया है कि इन में से करीब एक करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे पहुंच सकते हैं।
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विश्व बैंक की द्विवार्षिक पाकिस्तान डेवलपमेंट आउटलुक रिपोर्ट ने संकेत दिया कि देश लगभग सभी प्रमुख व्यापक आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने में चूक सकता है। अंतरराष्ट्रीय ऋणदाता ने कहा कि देश को अपने प्राथमिक बजट लक्ष्य से कम होने का अनुमान है, लगातार तीन वर्षों तक घाटे में रहना, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तों के विपरीत है।
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रिपोर्ट के प्रमुख लेखक सैयद मुर्तजा मुजफ्फरी ने कहा कि पाकिस्तान में मामूली आर्थिक सुधार के बावजूद, गरीबी उन्मूलन के प्रयास अपर्याप्त साबित हुए हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक विकास दर 1.8 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि गरीबी दर लगभग 40 प्रतिशत पर बनी रहेगी। लगभग 9.8 करोड़ पाकिस्तानी पहले से ही गरीबी से जूझ रहे हैं।
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रिपोर्ट में गरीबी रेखा से ठीक ऊपर रहने वालों के बारे में कहा गया है कि इन में से करीब एक करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे पहुंच सकते हैं।