7.8 करोड़ लोगों का आधार डाटा चोरी, टीडीपी पर आरोप
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भारत में आधार कार्ड के डाटा की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहते हैं। लोगों के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए नोडल एजेंसी यूआईडीएआई ( UIDAI ) भी प्रयास करती रहती है। लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद 7.8 करोड़ से अधिक निवासियों की अहम जानकारियां लीक हो गई। बता दें कि ये 7.8 करोड़ लोग तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के निवासी हैं।
टीडीपी का सेवा मित्र ऐप डिवेलप करने के लिए हो रहा था इस्तेमाल
दरअसल साइबराबाद पुलिस ने यूआईडीएआई की शिकायत पर सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी आईटी ग्रिड्स (इंडिया) के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से आधार डाटा रखने का मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि यह कंपनी आधार डाटा का इस्तेमाल तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) का सेवा मित्र ऐप डिवेलप करने के लिए कर रही थी।
सूत्रों की मानें तो इस मामले को एसआईटी को स्थानांतरित किया जा सकता है, जो कथित डाटा चोरी के मामलों की जांच कर रही है। इस संदर्भ में तेलंगाना स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने कहा कि कंपनी के पास तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 78,221,397 निवासियों के आधार से संबंधित आंकड़े हैं। बता दें कि इस मामले के फॉरेंसिक विश्लेषण से पता चला कि आईटी ग्रिड से मिले डेटाबेस की संरचना और साइज ठीक उसी तरह है, जैसा कि UIDAI के पास होता है।
टीडीपी ने दी सफाई
टीडीपी ने अपनी सफाई में कहा कि आधार के कच्चे डाटा तक उनकी पहुंच नहीं है और उनका इस्तेमाल केवल कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पुष्टि के लिए किया जा रहा था। ये मामला एसआईटी की सूचना के आधार पर दर्ज किया गया है। शुक्रवार को यूआईडीएआई ने माधापुर पुलिस थाने में आधार एक्ट, 2016 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया।
ये डाटा एक रिमूवेवल स्टोरेज में रखे गए थे, जो आधार एक्ट का उल्लंघन है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों को संदेह है कि कंपनी ने ये डाटा या तो सेंट्रल डाटा रिपॉजिटरी या स्टेट डाटा हब से गैर-कानूनी ढंग से हासिल किए हैं।