IPO: आईपीओ से दिसंबर तक 75,000 करोड़ जुटा सकती हैं 65 कंपनियां; फिर मोदी सरकार बनने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
ह्यूंडई मोटर समेत कई बड़ी कंपनियां इस साल बाजार में उतरने की तैयारी में हैं। मोदी सरकार के फिर से बनने पर निवेशकों में भरोसा बढ़ गया है। इस साल दिसंबर तक 65 कंपनियां 75 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती हैं। जिनमें सिर्फ 5 कंपनियों के ही 40-45 हजार करोड़ रुपये तक जुटा लेने की संभावना है।
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शेयर बाजार की तेजी के बीच इस साल दिसंबर तक 65 कंपनियां आईपीओ से 75,000 करोड़ रुपये तक जुटा सकती हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, कई बड़ी कंपनियां इस साल बाजार में उतरने की तैयारी में हैं। सिर्फ पांच कंपनियां ही 40-45 हजार करोड़ रुपये तक जुटा सकती हैं।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, अगले कुछ महीनों में 30 कंपनियां प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये 50,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही हैं। इसमें से 24 कंपनियां 30,000 करोड़ रुपये के लिए बाजार में उतर सकती हैं। इस साल में जनवरी से अब तक 31 कंपनियों ने 28,523 करोड़ रुपये आईपीओ के जरिये जुटाए हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव के बाद मोदी सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के साथ घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों का मजबूत विश्वास दिख रहा है। इससे आने वाले महीनों में आईपीओ की लहर और तेज हो जाएगी।
फर्स्ट क्राई ने दोबारा जमा कराया मसौदा
फर्स्ट क्राई 1,816 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सेबी के पास दोबारा मसौदा जमा कराया है। वारी एनर्जी के साथ वन मोबिक्विक 700 करोड़ के लिए मसौदा जमा करा चुकी है। अलाइड ब्लेंडर्स को 1,500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए पिछले माह व फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक को 625 करोड़ जुटाने की मंजूरी मिली है। डिपॉजिटरी कंपनी एनएसडीएल सेबी के पास मसौदा जमा करा चुकी है।
इन कंपनियों के आने हैं इश्यू
फर्स्ट क्राई, फिनकेयर स्मॉल बैंक, एनएसडीएल, अफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, वारी एनर्जी, आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस समेत कई कंपनियों के आईपीओ कुछ महीनों में आने वाले हैं। मर्चेंट बैंकरों के अनुसार, स्टेनली लाइफ स्टाइल, वन मोबिक्विक, एमक्योर फार्मा, अलाइड ब्लेंडर्स, शिवा फार्माकेम और बंसल वायर इंडस्ट्रीज भी रकम जुटाने की तैयारी में हैं।
रेखा झुनझुनवाला समर्थित बाजार स्टाइल रिटेल और हल्दीराम भी इश्यू ला सकती हैं।
अब तक के बड़े IPO
| कंपनी | आकार | साल |
|
एलआईसी |
21,000 करोड़ | 2022 |
|
पेटीएम |
18,000 करोड़ |
2021 |
|
कोल इंडिया |
15,000 करोड़ | 2010 |
|
जीआईसी |
11,000 करोड़ | 2017 |
| रिलायंस पावर | 11,563 करोड़ |
2008 |
30-35 कंपनियां मंजूरी के इंतजार में
इस साल जिन 65 कंपनियों के बाजार में उतरने की उम्मीद है, उनमें 25-30 को सेबी की मंजूरी मिल चुकी है। 30-35 कंपनियां अब भी मंजूरी के इंतजार में हैं। मसौदा जमा कराने के 2-4 महीने के बीच में सेबी की मंजूरी मिलती है। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंदर सिंह नंदा के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के दौरान आईपीओ बाजार में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा, जो चुनाव के बाद निरंतरता व निवेशकों के विश्वास को बढ़ावा देने वाली अनुकूल स्थितियों से प्रेरित होगा। आईपीओ की तेजी विभिन्न क्षेत्रों की भागीदारी के साथ मजबूत गतिविधि का संकेत देती है।