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GST: जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक आज, जीटीआरआई की राज्यवार पंजीकरण खत्म करने की मांग
Sat, 18 Feb 2023 06:41 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sat, 18 Feb 2023 06:41 AM IST
सार
जीएसटी परिषद की बैठक में मिलेट प्रोडक्ट्स पर जीएसटी घटाने पर चर्चा हो सकती है। साथ ही खुले में बिकने वाले मिलेट प्रोडक्ट्स पर जीएसटी खत्म करने का फैसला हो सकता है। जीएसटी परिषद की बैठक में मिलेट्स प्रोडक्ट्स पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत हो सकता है।
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक होगी। इसमें अपीलीय न्यायाधिकरणों के गठन और पान मसाला व गुटखा कारोबार में कर चोरी पर लगाम लगाने की व्यवस्था पर चर्चा हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में मिलेट प्रोडक्ट्स पर जीएसटी घटाने पर चर्चा हो सकती है। साथ ही खुले में बिकने वाले मिलेट प्रोडक्ट्स पर जीएसटी खत्म करने का फैसला हो सकता है। जीएसटी परिषद की बैठक में मिलेट्स प्रोडक्ट्स पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत हो सकता है।
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इसके बाद आलावा पान-मसाला और गुटखा इंडस्ट्री में टैक्स चोरी पर लगाम लगाने पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं, पेंसिल शॉर्पनर पर भी जीएसटी घटाकर 18 प्रतिशत से 12 प्रतिशत किया जा सकता है। बैठक में जीएसटी ट्रिब्यूनल के लिए बनाई गई GoM की सिफारिश पर भी चर्चा हो सकती है।
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1.50 करोड़ तक सालाना कारोबार वाली फर्मों को जीएसटी से छूट की मांग
वहीं, बैठक से पहले ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने मांग की है कि जीएसटी परिषद को 1.50 करोड़ रुपये तक सालाना कारोबार वाली फर्मों को जीएसटी से छूट देनी चाहिए। राज्यवार पंजीकरण की जरूरत को भी खत्म करना चाहिए। जीटीआरआई ने कहा, जीएसटी परिषद को अब कर अनुपालन को सुगम बनाकर फायदा बढ़ाने की जरूरत पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए उसने सात सुधारों का सुझाव भी दिया है।
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जीटीआरआई ने कहा कि ऐसा करना देश की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयों के लिए पासा पलटने वाला साबित होगा। वे नए रोजगार देने के साथ वृद्धि को भी रफ्तार दे सकेंगी। फिलहाल 40 लाख से कम सालाना कारोबार वाली फर्मों को ही जीएसटी पंजीकरण से बाहर रहने की छूट मिली हुई है। वहीं सेवा फर्मों के मामले में यह दायरा 20 लाख रुपये कारोबार तक है।