GST: ऑनलाइन गेमिंग-कसीनो और घुड़दौड़ में दांव पर लगी पूरी राशि पर लगेगा 28 प्रतिशत जीएसटी, पढ़िए पूरी खबर
बैठक में कुछ राज्यों ने हंगामा किया। दरअसल, बैठक के दौरान राजस्थान, तमिलनाडु, पंजाब, पश्चिम बंगाल और दिल्ली जैसे कई विपक्षी दल शासित राज्यों ने जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधान के दायरे में लाने का विरोध किया।
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ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर अब 28 फीसदी की दर से जीएसटी का भुगतान करना पड़ेगा। यह कर खिलाड़ियों की ओर से लगाए जाने वाले दांव की पूरी रकम पर लगेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई जीएसटी परिषद की 50वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। गोवा ने ऑनलाइन गेमिंग के मंच फीस पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने की सिफारिश की थी, जिस पर सहमति नहीं बनी। इस पर सहमति बनी कि कौशल व मौके के खेल के बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा, ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो व घुड़दौड़ पर गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) की अनुशंसा के आधार पर इन गतिविधियों में किए गए भुगतान पर 28 फीसदी कर लगाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर कर इस आधार पर बिना भेदभाव के लगाया जाएगा कि खेल के लिए कौशल की जरूरत है या वे संयोग पर आधारित हैं। संपूर्ण मूल्य पर कर लगाने से ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के खत्म होने की आशंका पर सीतारमण ने कहा, हम किसी भी उद्योग को खत्म नहीं रहे हैं। लेकिन, ऑनलाइन गेमिंग और जुए को आवश्यक उद्योग से कमतर दर्जा नहीं दिया जा सकता है। उधर, ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन के सीईओ रोलान्ड लेंडर्स ने कहा कि परिषद का यह फैसला असांविधानिक और पूरी तरह तर्कहीन है।
एसयूवी: चार की जगह अब होंगे तीन पैमाने
परिषद ने स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की परिभाषा तय कर दी है। पहले जहां इसे चार पैमानों पर मापा जाता था, अब तीन पैमाने पर ही एसयूवी परिभाषित होगी। नई परिभाषा के तहत जिन गाड़ियों की लंबाई 4 मीटर और उससे ज्यादा होगी। इंजन क्षमता 1,500 सीसी होगी और ग्राउंड क्लीयरेंस ‘बिना लोड वाली स्थिति’ में 170 मिमी से अधिक होगी, उसे एसयूवी माना जाएगा।
25 फीसदी पंजीकृत खाते मौजूद नहीं
बैठक में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अधिकारी ने बताया कि जांच में पाया गया है कि लगभग 25 फीसदी जीएसटी खाते मौजूद नहीं हैं या लगभग 15,000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी करने के बाद गायब हो गए हैं। सीबीआईसी ने मई में टैक्स चोरी रोकने के लिए जीएसटी खातों की जांच के लिए अभियान शुरू किया था।
जीएसटी नेटवर्क को मनी लॉन्ड्रिंग कानून के दायरे में लाने का विरोध
बैठक में कुछ राज्यों ने हंगामा किया। दरअसल, बैठक के दौरान राजस्थान, तमिलनाडु, पंजाब, पश्चिम बंगाल और दिल्ली जैसे कई विपक्षी दल शासित राज्यों ने जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधान के दायरे में लाने का विरोध किया। दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने कहा, कई राज्यों के वित्त मंत्रियों ने जीएसटीएन को पीएमएलए प्रावधानों के तहत लाने के केंद्र के फैसले का विरोध किया, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हाथों छोटे और मध्यम व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न हो रहा है। दिल्ली-पंजाब समेत इन सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। लेकिन, सीतारमण तैयार नहीं थीं। पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, जीएसटी को पीएमएलए के दायरे में लाना खतरनाक है।
केरल में गठित किए जाएंगे दो न्यायाधिकरण
जीएसटी परिषद की बैठक के बाद केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने बताया कि राज्य में दो जीएसटी न्यायाधिकरण गठित किए जाएंगे। इसमें से एक तिरुवनंतपुरम में और दूसरा एर्नाकुलम में गठित किया जाएगा। इससे जीएसटी से जुड़े विवादों का आसानी से निपटान किया जा सकेगा।