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Online Games: सट्टेबाजी पर 28 व कौशल वाले गेम पर 18 फीसदी लग सकता है जीएसटी, वित्त मंत्रालय कर रहा विचार
Fri, 28 Apr 2023 06:14 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 28 Apr 2023 06:14 AM IST
सार
एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे ऑनलाइन गेम जहां जीत-हार का फैसला किसी निश्चित परिणाम पर निर्भर है या उसकी प्रकृति सट्टेबाजी या जुए की है, तो वहां 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। कौशल वाले ऑनलाइन गेम पर 18 फीसदी से कम कर लगाया जा सकता है।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सरकार सट्टेबाजी या जुए पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगा सकती है, जबकि कौशल वाले ऑनलाइन गेम पर 18 फीसदी से कम कर लगाया जा सकता है। इसके लिए वित्त मंत्रालय ऑनलाइन गेमिंग को कौशल एवं किस्मत के खेल की श्रेणियों में वर्गीकृत करने और अलग-अलग दर से जीएसटी लगाने पर विचार कर रहा है। जीएसटी परिषद की मई या जून में होने वाली बैठक में इस पर अंतिम फैसला करेगी।
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एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे ऑनलाइन गेम जहां जीत-हार का फैसला किसी निश्चित परिणाम पर निर्भर है या उसकी प्रकृति सट्टेबाजी या जुए की है, तो वहां 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। कौशल वाले ऑनलाइन गेम पर 18 फीसदी से कम कर लगाया जा सकता है।
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अधिकारी के मुताबिक, सभी ऑनलाइन गेम किस्मत पर आधारित नहीं हैं। सट्टेबाजी या जुए की प्रकृति के भी नहीं हैं। इसलिए किस्मत और कौशल आधारित खेल के बीच अंतर करना होगा। इस समय ऑनलाइन गेमिंग पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है। यह ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल की ओर से लिए गए कुल शुल्क पर लगता है।
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परिभाषा स्पष्ट करना जरूरी
उद्योग जगत भी ऑनलाइन गेमिंग की परिभाषा को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर चुका है। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग पर आईटी नियमों के मसौदे का मकसद सही है, लेकिन इसके कुछ पहलुओं पर फिर से गौर करने की जरूरत है।
उद्योग संगठन ने कहा, ऑनलाइन गेमिंग की परिभाषा बहुत व्यापक व अस्पष्ट है। इससे वैसी कंपनियां भी इसके दायरे में आ जाएंगी, जिन्हें नियमों के दायरे में लाने की जरूरत नहीं है या फिर हल्के कायदे-कानून की आवश्यकता है। इससे उन पर अनुपालन बोझ भी पड़ेगा।
दो साल में 29,000 करोड़ का होगा उद्योग
केपीएमजी की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना में लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन गेमिंग यूजर्स की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो साल में यानी 2024-25 तक घरेलू ऑनलाइन गेमिंग उद्योग का आकार बढ़कर 29,000 करोड़ रुपये का हो जाएगा। 2021 में यह 13,600 करोड़ था।
दिसंबर की बैठक में नहीं बनी थी सहमति
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने पिछले साल दिसंबर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी को लेकर एक रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें जीओएम ने ऑनलाइन गेमिंग पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने पर सहमति जताई थी।
बैठक में इस बात पर सहमति नहीं बन पाई थी कि क्या जीएसटी सिर्फ ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल के शुल्क पर लगाया जाना चाहिए या प्रतिभागियों से दांव लगाने को लेकर प्राप्त राशि समेत पूरी रकम पर। इसके बाद जीओएम ने सभी सुझावों को जीएसटी परिषद के पास भेजने का फैसला लिया था।
28 फीसदी जीएसटी लगाने से गैर-कानूनी पोर्टल की ओर आकर्षित होंगे खिलाड़ी
ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी रकम (खिलाड़ी की ओर से ऑनलाइन गेम की दोनों श्रेणियों के जमा पैसा) पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने से वितरण के लिए बची पुरस्कार राशि घट जाएगी। यह खिलाड़ियों को वैध कर-कटौती करने वाले पोर्टल से दूर कर देगा। साथ ही, ऑनलाइन गेम खेलने वाले खिलाड़ी उन गैर-कानूनी पोर्टल की ओर आकर्षित होंगे, जो टैक्स नहीं काटते हैं।