MTNL में 13,500 से ज्यादा कर्मचारियों ने लिया वीआरएस
बीएसएनएल की तरह ही एमटीएनएल के कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) को लेकर खासे उत्साहित हैं। सरकार के स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी एमटीएनएल ने कहा कि हाल में घोषित इस योजना के लिए 13,500 से ज्यादा कर्मचारियों ने आवेदन किया है।
एमटीएनएल को शुरुआत में 13,500 कर्मचारियों के वीआरएस लेने का अनुमान था, लेकिन इस योजना खत्म होने से दो हफ्ते पहले ही यह आंकड़ा 13,532 कर्मचारी तक पहुंच गया है। एमटीएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सुनील कुमार ने कहा, ‘हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और अभी तक 13,532 कर्मचारी वीआरएस योजना अपना चुके हैं। हमारा आंतरिक लक्ष्य 13,500 कर्मचारी का था।’
उन्होंने वादा किया कि निगम ज्यादा कर्मचारियों को इससे जोड़ने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी के सभी 16,300 कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें योजना की अवधि खत्म होने तक यह आंकड़ा 14,500 से 15,000 तक पहुंचने का अनुमान है।’ बीएसएनएल के मामले में अभी तक लगभग 77 हजार कर्मचारी वीआरएस अपना चुके हैं। एमटीएनएल पर 1080 करोड़ रुपये के भार में कमी आएगी।
गुजरात के वीआरएस मॉडल पर आधारित एमटीएनएल की योजना 3 दिसंबर, 2019 तक खुली रहेगी। योजना के लिए ‘31 जनवरी, 2020 को 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के सभी नियमित और स्थायी कर्मचारी पात्र हैं।’
यह बनाया रिवाइवल प्लान
प्लान के मुताबिक एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय होगा। बीएसएनएल के रिवाइवल के लिए 15 हजार करोड़ रुपये के सॉवरेन बॉन्ड लाए जाएंगे। 38 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां बेची जाएंगी। विलय प्रक्रिया पूरी होने तक एमटीएनएल, बीएसएनएल की सब्सिडियरी रहेगी। साथ ही बीएसएनएल-एमटीएनएल को 4जी स्पेक्ट्रम दिए जाने पर भी सहमति जताई गई है।
दोनों कंपनियों की संपत्तियों को बेचने या फिर किराये पर देने के एक संयुक्त कमेटी बनाने को मंजूरी दे दी है। इस कमेटी में बीएसएनएल, दूरसंचार विभाग और विनिवेश विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बीएसएनएल पर फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है और वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था।