Sensex Closing Bell: दिन के ऊपरी स्तरों से फिसला बाजार, सेंसेक्स 311 अंक टूटा, निफ्टी 17900 के नीचे
Sensex Closing Bell: दिन के ऊपरी स्तरों से फिसला बाजार, सेंसेक्स 311 अंक टूटा, निफ्टी 17900 के नीचे
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हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए। सोमवार को सेंसेक्स 311 अंक फिसलकर 60,691.54 अंकों के लेवल पर जबकि निफ्टी 99.60 अंक नीचे 17,844.60 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार में बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी दिखी। निफ्टी में सबसे ज्यादा कमजोरी वाले शेयरों में एक अदाणी एंटरप्राइजेज रहा। इसमें 5.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, दिव्स लैब के शेयर 2.5% चढ़कर निफ्टी का टॉप गेनर रहा।
सोमवार को बाजार बंद होते समय सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल
बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में 18 शेयर गिरकर बंद हुए, जबकि 12 शेयर मजबूती के साथ बंद हुए। मारुति के शेयरों में 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर 1.6% मजबूत होकर बंद हुआ। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को 3738 शेयरों में लेन-देन किया गया। इसमें 2175 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 241 शेयरों में लोअर सर्किट लगा। बाजार में कमजोरी के कारण लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 265.90 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर
विदेशी निवेशकों का शेयर बाजार में निवेश मूल्य 11 फीसदी घटा
विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार में निवेश मूल्य पिछले साल दिसंबर तक 11 फीसदी घटकर 584 अरब डॉलर हो गया है। भारतीय बाजार में कम फायदा मिलने और विदेशी निवेशकों के पैसे निकालने की वजह से ऐसा हुआ। मॉर्निंगस्टार के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) का भारतीय बाजार में कुल निवेश मूल्य 2022 में 654 अरब डॉलर था। तिमाही आधार पर सितंबर, 2022 अंत तक यह तीन फीसदी बढ़कर 566 अरब डॉलर पहुंच गया था। यह लगातार दूसरी तिमाही थी, जब निवेश का मूल्य बढ़ा था। 2020 व 2021 में मजबूत वृद्धि के बाद 2022 में वैश्विक बाजारों में गिरावट या नरमी रही। इस दौरान 1.21 लाख करोड़ की निकासी हुई थी।
तीसरी तिमाही में 5.1 फीसदी तक रह सकती है विकास दर
देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 5-5.1 फीसदी की रफ्तार से बढ़ सकती है। यह दूसरी तिमाही की 6.3 फीसदी की वृद्धि दर से बहुत कम है। इक्रा रेटिंग की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, कोरोना पूर्व के आंकड़ों से तुलना करें तो भारत की जीडीपी के तीसरी तिमाही में 11.6 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। बार्कलेज इंडिया के प्रमुख राहुल बजोरिया ने कहा, तीसरी तिमाही में विकास दर 5 फीसदी रहेगी।