फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   Crude oil falls below 13 years level

13 साल के निचले स्तर पर पहुंचे कच्चे तेल के दाम

Mon, 18 Jan 2016 10:13 PM IST
Updated Mon, 18 Jan 2016 10:13 PM IST
विज्ञापन
Crude oil falls below 13 years level

भारत द्वारा खरीदे जाने वाले (इंडियन बास्केट) कच्चे तेल की कीमत 26 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर पर पहुंच गई है, जो कि पिछले 13 वर्षों का न्यूनतम स्तर है। जानकारों का कहना है कि इस गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल के बाजार में ईरान से प्रतिबंध हटना बताया जा रहा है।

विज्ञापन


पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बीते कारोबारी दिवस में इंडियन बास्केट क्रूड की कीमत 26.40 डॉलर प्रति बैरल रही। इससे पहले यह स्तर जून 2003 में देखा गया था। विशेषज्ञ इसमें अभी और कमी के आसार जता रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान पर लगी आर्थिक पाबंदी हटने की वजह से वहां से कच्चे तेल का निर्यात बढ़ने के आसार हैं। प्रतिबंध के हटने के बाद वहां से भारत को रोजाना 5 लाख बैरल तक की आपूर्ति बढ़ सकती है।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 से परमाणु गतिविधि को लेकर अमेरिका और यूरोपीय संघ ने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसे हाल ही में हटा लिया गया है। हालांकि भारत इन प्रतिबंधों को न मानकर संयुक्त राष्ट्र का निर्देश मानता रहा है, इसलिए यहां ईरान से कच्चे तेल आयात जारी था। हालांकि भुगतान संबंधी समस्या के चलते ईरान से सीमित मात्रा में ही कच्चा तेल आ पाता था। अब ऐसी कोई समस्या नहीं है। संयुक्त राष्ट्र परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा ईरान से प्रतिबंध हटाने और उस पर से आर्थिक पाबंदी हटने से भारत को भी फायदा होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सस्ते तेल से एशिया को नहीं मिलेगी राहत

Crude oil falls below 13 years level

कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट से भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों में मांग सुधरने के कोई खास आसार नहीं हैं। यह आकलन एचएसबीसी ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट में पेश किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की गिरी हुई कीमतों से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं को फिलहाल कोई संजीवनी नहीं मिलने वाली है।

इससे सुस्त पड़ी आर्थिक रफ्तार की समस्या का कोई त्वरित हल मिलने की उम्मीद भी नहीं दिखती। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊपरी तौर पर ऐसा लगता है कि तेल के दाम घटने से खर्च में कमी आएगी और क्रय शक्ति में बढ़ोतरी होगी, पर यह बात इतनी सीधी और आसान नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed