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जुलाई में गिरा यूपीआई आधारित लेन-देन, पेटीएम को पछाड़कर यह कंपनी पहुंची शीर्ष पायदान पर

Thu, 02 Aug 2018 01:45 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 02 Aug 2018 01:45 PM IST
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upi transaction down in july by 4 percent, phonepe topples paytm, axis and hdfc bank

जुलाई में यूपीआई से होने वाले लेनदेन में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक ही मोबाइल नंबर से लिंक कई बैंक खातों में पैसा भेजने पर रोक लगा दी गई है। वहीं पिछले महीने पेटीएम को भी झटका लगा और वो यूपीआई पेमेंट के मामले में दूसरे पायदान पर खिसक गई है। 

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फोनपे बना नंबर एक 

यूपीआई को संचालित करने वाली संस्था नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में 23.56 करोड़ ट्रांजेक्शन इस माध्यम से हुए थे। जबकि जून में यह आंकड़ा 24.6 करोड़ था।
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इस दौरान फोनपे ने पेटीएम को पछाड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर लिया है। फोनपे पर 9.5 करोड़ लोगों ने लेनदेन किया जबकि पेटीएम पर 7.3 करोड़ लोगों ने ऐसा किया। इसके बाद लिस्ट में एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक का नंबर है। 
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जून में हुए थे 20 फीसदी ट्रांजेक्शन

जून में 15 से 20 फीसदी ऐसे ट्रांजेक्शन हुए थे, जिनमें एक ही फोन नंबर से लिंक कई खातों में पैसा भेजा गया था। इसके बाद एनपीसीआई ने ऐसे लेनदेन पर इस महीने से रोक लगा दी है।

एक ही नंबर से लिंक खातों में ज्यादा ट्रांसफर

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निगम ने सर्कुलर में कहा है कि जब यूपीआई के जरिये होने वाले ऐसे लेनदेन का विश्लेषण किया गया, तो पाया गया कि अधिकतर लेनदेन में डेबिट-क्रेडिट खाते से लिंक मोबाइल नंबर एक ही हैं। ग्राहक अपने एक खाते से दूसरे खाते में पैसे भेजते हैं। इस तरह का लेनदेन सिर्फ यूपीआई में चल रहे कैशबैक को पाने के लिए है और इनका कोई निहितार्थ नहीं है। ऐसे लेनदेन तंत्र पर बेवजह के बोझ के सिवा कुछ भी नहीं है। 

मुख्यतः तीन तरह के लेनदेन

निगम के मुताबिक लेनदेन मूलत: तीन तरह के होते हैं। इसमें एक ही यूपीआई खाते के बीच लेनदेन, यूपीआई आईडी मालिक द्वारा अपने बैंक खातों के बीच लेनदेन और दूसरी यूपीआई आईडी के जरिये लेनदेन, लेकिन इसमें भी बैंक खाता एक ही रहता है।

ऐसे लेनदेन से यूपीआई पर कैशबैक का आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जबकि प्रोत्साहन राशि सिर्फ लोगों को डिजिटल लेनदन की ओर से आकर्षित करने के लिए थी। बैंकों ने एनपीसीआई के सर्कुलर पर काम करना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि एक अगस्त से ऐसे लेनदेन पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।  

गौरतलब है कि यूपीआई एक भुगतान तंत्र है, जिसे एनपीसीआई ने विकसित किया है। यूपीआई आईएनपीएस के जरिये काम करता है और इससे एक बैंक से दूसरे बैंक तक स्मार्टफोन से ही पैसों को स्थानांतरित किया जा सकता है।

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