बैंक ग्राहकों पर बड़ी मारः इन पांच सेवाओं पर लगता है जीएसटी, आपको नहीं होगा मालूम
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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी) ने हाल ही में कहा था कि बैंक ग्राहकों से कई सेवाओं पर जीएसटी नहीं लगेगा। इन सेवाओं में एटीएम से कैश की निकासी, चेकबुक जारी करना और अतिरिक्त कार्ड करना शामिल है।
हालांकि इन सेवाओं के अतिरिक्त बैंक ग्राहकों को कुछ ऐसी सेवाएं भी देते हैं, जिन पर वो जीएसटी को वसूलती है। हालांकि यह जीएसटी दर हर बैंक की अलग-अलग होती है, लेकिन इसको दायरे में रखा जाता है ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े।
क्रेडिट कार्ड के बिल का देरी से भुगतान
अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड हैं और उसके बिल का देरी से भुगतान करते हैं तो फिर उस पर जीएसटी देय होगा। यह तब है जब बैंक आप पर लेट फीस चार्ज लगाते हैं।
लोन का भुगतान देरी से
अगर आप लोन की किश्त का बार-बार भुगतान करने में देरी करते हैं या फिर नहीं देते हैं तो फिर इसके ब्याज पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज पर आपको जीएसटी देना होगा।
चेक बाउंस पर
अगर किसी ग्राहक का चेक बाउंस होता है तो फिर उस पर बैंक की तरफ से जो चार्ज लगाया जाएगा उस पर ग्राहकों को जीएसटी देना होगा। चेक बुक जारी करना, एकाउंट स्टेटमेंट जारी करना और एटीएम से निकासी जैसी सेवाएं एक सीमा तक मुफ्त हैं और वाणिज्यिक गतिविधियां नहीं हैं।
बेसिक बचत खाते पर भी लगेगा टैक्स
जिन लोगों ने अपना बेसिक बचत खाता खुलवा रखा है, उनको भी एटीएम का प्रयोग करने पर टैक्स देना होगा। जो लोग अपने खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं उन से भी जीएसटी वसूला जाएगा।
एसबीआई काट रहा है 17 रुपये
देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई अपने ग्राहकों के एटीएम कार्ड से 17 रुपये काट रहा है। इसके अलावा पैसा काटने पर 18 फीसदी जीएसटी भी लगाया जा रहा है। बैंक का तर्क है कि खाते में पैसा नहीं होने के बावजूद ग्राहक क्यों कार्ड का प्रयोग एटीएम या फिर पीओएस मशीन पर कर रहे हैं। वहीं देश के दो बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी और आईसीआईसीआई 25 रुपये काट रहे हैं।
चेक बाउंस का दे रहे हैं तर्क
बैंक पैसा काटने के लिए चेक बाउंस होने का तर्क दे रहे हैं। बैंकों का मानना है कि चेक बाउंस और एटीएम पर खाते में कम बैलेंस होने पर ट्रांजेक्शन करने पर एक ही तरह का नियम मान्य होता है। जबकि चेक बाउंस के केस में थर्ड पार्टी भी शामिल होती है, जिसे किसी व्यक्ति से पैसा लेना होता है। वहीं एटीएम या पीओएस मशीन पर किसी तरह का थर्ड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं होता है।