बैंकों ने घटाईं ब्याज दरें, अब कम हो जाएगी ईएमआई
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन द्वारा वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पेश करते हुए रेपो रेट में की गई पिछली दो कटौतियों के बावजूद ज्यादातर बैंकों द्वारा लोन सस्ता न किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताए जाने के बाद बैंकों की ओर से लोन सस्ता किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
रेपो दर में कमी का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की राजन की नसीहत के बाद देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने अपने लोन की आधार दरों (बेस रेट) को 0.15 फीसदी की कटौती की घोषणा कर दी है।
दोनों ही बैंकों ने बेस रेट को 10 फीसदी से घटा कर 9.85 फीसदी कर दिया है। एचडीएफसी की नई दर 13 अप्रैल से लागू होगी जबकि एसबीआई की 10 अप्रैल से। बैंकिंग सेक्टर के जानकारों का कहना है कि एसबीआई द्वारा पहला कदम बढ़ाए जाने के बाद जल्द ही अन्य कई बैंक लोन की ब्याज दरों में कटौती की घोषणा कर सकते हैं।
ग्राहकों को मिलेगा पिछली दो कटौतियों का लाभ
इससे पहले मौद्रिक समीक्षा पेश करने के बाद राजन ने बैंकों पर दरें घटाने का दबाव बनाते हुए कहा था कि रेपो रेट में की गई पिछली दो कटौतियों का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आरबीआई यह नहीं कह रहा है कि बैंकों को ब्याज दरों में इतने फीसदी की कटौती करनी चाहिए, पर उन्हें यह समझना होगा कि ब्याज दरों में कमी किए बिना आरबीआई की ओर से आगे कुछ भी नहीं किया जाने वाला है। उन्होंने यह बात रिजर्व बैंक द्वारा जनवरी से अब तक दो बार में रेपो रेट में की गई कुल आधे फीसदी की कटौती का लाभ ग्राहकों को न मिलने के संदर्भ में कही।
राजन ने कहा कि नकदी की सुविधाजनक स्थिति बैंकों को इस हाल में मूल दरों में की गई कमी का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने में सक्षम बनाएगी। बैंकों के ऐसा करने से अर्थव्यवस्था के लिहाज से कई महत्वपूर्ण और उत्पादक सेक्टरों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई इस बात का इंतजार करेगा कि बैंक रेपो रेट की पिछली कटौतियों का लाभ अपने ग्राहकों तक पहुंचाएं।
स्टेट बैंक सहित इन बैंकों ने घटाई दरें
गौरतलब है कि राजन ने इससे पहले समीक्षा बैठकों से अलग जनवरी और मार्च में दो बार रेपो रेट में चौथाई-चौथाई फीसदी की कटौती कर बाजार को चौंका दिया था। रेपो रेट में दो बार में हुई कुल आधे फीसदी की इस कटौती के बाद सिर्फ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर ने आधार दरों में 0.10-0.10 फीसदी की कटौती की है।
आरबीआई, गवर्नर रघुराम राजन ने कहा 'यह कहा जाना बहुत ही बेतुका है कि रेपो रेट में कमी के बावजूद बैंकों की लागत में कोई कमी नहीं आई है और इसके चलते वह ग्राहकों को लोन में कोई राहत नहीं दे पा रहे हैं। बैंक जितनी जल्दी कर्ज की ब्याज दरों में कटौती करेंगे, देश की अर्थव्यवस्था के लिए उतना ही अच्छा होगा। बैंकों को यह समझना होगा कि लोन की ब्याज दरों में कमी किए बिना आरबीआई की ओर से आगे कुछ भी नहीं किया जाने वाला है।'
इस मौके पर एसबीआई की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा है कि हम अपने लोन के बेस रेट में 0.15 फीसदी की कटौती कर रहे हैं। उम्मीद है अन्य बैंक भी इस ओर कदम बढ़ाते हुए अपनी दरों में कमी करेंगे। कर्ज की ब्याज दरें बैंकों के पास उपलब्ध नकदी और जमा की लागत जैसी कई चीजों पर निर्भर करती हैं। इसलिए (मूल दर में) कटौती को ग्राहकों तक पहुंचाने में कुछ वक्त लग जाता है।