शशिधर जगदीशन होंगे HDFC बैंक के अगले सीईओ, 27 अक्तूबर से संभालेंगे पदभार
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एचडीएफसी बैंक के अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में शशिधर जगदीशन को मंजूरी दे दी है। निजी क्षेत्र के बैंक को कल रात आरबीआई का अनुमोदन पत्र प्राप्त हुआ। जगदीशन आदित्य पुरी की जगह लेंगे। रिजर्व बैंक की मंजूरी के बारे में एचडीएफसी बैंक ने शेयर बाजारों को सूचित किया। जगदीशन की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है और वे 27 अक्तूबर 2020 से पदभार संभालेंगे।
पुरी 26 साल पहले पदभार संभालने वाले बैंक के सबसे लंबे समय तक सीईओ हैं। पुरी का कार्यकाल 26 अक्तूबर में खत्म होने वाला है। उनके कार्यकाल में एचडीएफसी बैंक संपत्ति के लिहाज से निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा और सभी बैंकों में दूसरा बड़ा बैंक बन गया।
सीईओ की रेस में थे तीन लोग
निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए तीन विकल्प थे- शशिधर जगदीशन, कैजाद भरुचा और सुनील गर्ग। सूत्रों के अनुसार, इनमें से शशिधर जगदीशन का चयन हुआ है। पिछले दिनों में आदित्य पुरी ने कहा था कि नया सीईओ बैंक के भीतर का ही होगा, जिसने कम से कम 20 साल दिए हों। इसके बाद से जगदीशन को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे।
काफी समय से इस बात को लेकर चर्चा थी कि एचडीएफसी बैंक में पुरी का उत्तराधिकारी कौन होगा। जगदीशन की नियुक्ति के बाद इन चर्चाओं पर विराम लग गया। सोमवार शाम रिजर्व बैंक ने जगदीशन के नाम पर मुहर लगा दी। नवंबर में बैंक ने पुरी की जगह के लिए छह सदस्यीय खोज समिति का गठन किया था और सहायता के लिए इगन जेन्डर (Egon Zehnder) को नियुक्त किया था। पुरी सर्च कमेटी के सलाहकार थे।
बैंक के शेयर में उछाल
इस फैसले के बाद से ही निवेशकों में उत्साह का माहौल है और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में उछाल देखने को मिला है। सुबह 11.29 बजे एचडीएफसी बैंक के शेयर में 44.15 अंक यानी 4.41 फीसदी का उछाल आया और यह 1046.15 के स्तर पर पहुंच गया। जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 1,008 पर खुला था और 1,002 के स्तर पर बंद हुआ था।
आइए जानते हैं कौन हैं शशिधर जगदीशन।
कौन हैं शशिधर जगदीशन?
शशिधर जगदीशन फिलहाल एचडीएफसी के ग्रुप हेड और चेन एजेंट के तौर पर कामकाज देख रहे हैं। वे निजी बैंक के फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स, लीगल, एडमिनिस्ट्रेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, कॉरपोरेट कॉम्युनिकेशन और सीएसआर के कामकाज को देखते हैं।
साल 1996 में जगदीशन बैंक से जुड़े हैं। करीब 25 साल बाद वे एचडीएफसी के मुखिया के तौर पर कामकाज संभालेंगे। उन्होंने 1996 में फाइनेंस फंक्शन में मैनेजर के तौर पर अपना काम शुरू किया था। इसके बाद साल 1999 में वे फाइनेंस के बिजनेस हेड बने। साल 2008 में उन्हें चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर की भी जिम्मेदारी सौंपी गई।
इतना है अनुभव
एचडीएफसी बैंक की वृद्धि में शशिधर जगदीशन की अहम भूमिका रही है। फाइनेंस का कामकाज संभालते समय उन्होंने कुछ सालों में लगातार टारगेट को हासिल करने में मदद की है। जगदीशन के पास बैंकिंग सेक्टर में करीब 29 साल का अनुभव है।
पेशे से सीए हैं जगदीशन
जगदीशन ने साइंस में फिजिक्स के साथ ग्रैजुएशन की है और वे पेशे से सीए हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने अर्थशास्त्र में मास्टर्स की डिग्री भी हासिल की है।
2019-20 में सर्वाधिक कमाई करने वाले बैंकर बने पुरी
पुरी वित्त वर्ष 2019-20 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले भारतीय बैंकर के रूप में उभरे थे और उनका कुल वेतन 20 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 18.92 करोड़ रुपये था। उन्होंने वर्ष के दौरान 161.56 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई भी की। वहीं 2018- 19 में उनहोंने शेयर विकल्प का लाभ उठाते हुए 42.20 करोड़ रुपये हासिल किए।
हाल ही में पुरी ने बैंक के 74 लाख से अधिक शेयर 842.87 करोड़ रुपये में बेच दिए थे। शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, शेयरों की बिक्री 21-23 जुलाई के बीच की गई और इसके बाद पुरी की एचडीएफसी बैंक में हिस्सेदारी 0.14 फीसदी से घटकर मात्र 0.01 फीसदी रह गई है। यानी पुरी ने अपनी 95 फीसदी हिस्सेदारी बेची है।