फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   RBI MPC meeting on 6 february 2020 repo rate may not change

छह फरवरी को होगी RBI की अगली बैठक, ब्याज दरें स्थिर रख सकता है केंद्रीय बैंक

Wed, 15 Jan 2020 09:56 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Wed, 15 Jan 2020 09:56 AM IST
सार

  • खदरा महंगाई के आंकड़ों के चलते RBI रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करने को मजबूर हो सकता है।
  • अगली समीक्षा बैठक छह फरवरी को होनी है।
  • दिसंबर में खुदरा महंगाई 7.35 फीसदी रही। 

विज्ञापन
RBI MPC meeting on 6 february 2020 repo rate may not change

विस्तार

खदरा महंगाई के आंकड़ों के चलते रिजर्व बैंक (आरबीआई) को अपनी अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत (रेपो) दरों में कोई बदलाव नहीं करने को मजबूर हो सकता है। दिसंबर में खुदरा महंगाई 7.35 फीसदी रही है और जनवरी में यह आठ फीसदी के स्तर से ज्यादा हो सकती है।

विज्ञापन

दिसंबर में खुदरा महंगाई 7.35 फीसदी

सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते दिसंबर में खुदरा महंगाई 7.35 फीसदी के साथ साढ़े पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। यह आरबीआई के चार फीसदी (इससे दो फीसदी ज्यादा या कम) के लक्ष्य से खासी ज्यादा है। साथ ही,  सरकारी आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य पर आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2019 में 2.59 फीसदी पर आ गई। इससे पिछले महीने नवंबर में यह 0.58 फीसदी थी।

विज्ञापन

दरें स्थिर रख सकता है आरबीआई 

एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट ‘इकोरैप’ ने कहा, ‘आरबीआई ने दिसंबर में भी रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया था, जब अक्तूबर में खुदरा महंगाई 4.62 फीसदी रही थी। अब दिसंबर में खुदरा महंगाई खासी ज्यादा हो गई है और जनवरी में इसके आठ फीसदी से ऊपर जाने का अनुमान है। ऐसे में आरबीआई अगली मौद्रिक नीति में दरें स्थिर रख सकता है।’ आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य रूप से खुदरा महंगाई पर गौर करता है। अगली समीक्षा बैठक छह फरवरी को होनी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पांच मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में की कटौती 

फरवरी-अक्तूबर, 2019 के दौरान लगातार पांच मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में 135 आधार अंकों तक की कटौती करने के बाद आरबीआई ने दिसंबर में रेपो दर को 5.15 फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा था। रिपोर्ट में खुदरा महंगाई के लिए सीएसओ की आकलन की पद्धति पर फिर से विचार किए जाने पर भी जोर दिया गया।



एसबीआई ने सोमवार को अर्थव्यवस्था पर जारी रिपोर्ट इकोरैप में अनुमान जताया था कि आर्थिक सुस्ती की वजह से चालू वित्त वर्ष में करीब 16 लाख रोजगार कम आएंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed