फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   RBI may slash interest rate again in December says Goldman Sachs

दिसंबर में RBI फिर कम कर सकता है रेपो रेट: गोल्डमैन सैश

Mon, 07 Oct 2019 10:27 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Mon, 07 Oct 2019 10:27 AM IST
विज्ञापन
RBI may slash interest rate again in December says Goldman Sachs

ब्रोकरेज कंपनियों को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) दिसंबर में एक बार फिर रेपो रेट में कटौती कर सकता है। गोल्डमैन सैश ने एक रिपोर्ट में कहा है कि आरबीआई दिसंबर में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में रेपो रेट कम कर सकता है। दिसंबर में रेपो रेट में चौथाई फीसदी यानी 0.25 की कमी का अनुमान जताया जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो रेपो दर 4.90 फीसदी पर आ जाएगी।

विज्ञापन


इस संदर्भ में रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर के बाद केंद्रीय बैंक नीतिगत दर में कटौती के सिलसिले को थाम सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि महंगाई चार फीसद के करीब रहेगी। केंद्रीय बैंक खुदरा महंगाई को ध्यान में रखते हुए प्रमुख नीतिगत दरों पर फैसला लेता है। 

विज्ञापन

शुक्रवार को किया था कटौती का एलान

बता दें कि शुक्रवार को अर्थव्यवस्था को गति देने के प्रयासों के क्रम में भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत दर में लगातार पांचवीं बार कमी की थी। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक में रेपो दर 25 आधार अंक घटाकर 5.15 फीसदी कर दिया था, जिससे इस साल रेपो दर में कुल कटौती 135 आधार अंक पहुंच गई है। पहले ये दर 5.40 फीसदी थी। नौ सालों में पहली बार रेपो रेट इतना कम हुआ है। रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी कर दिया गया है और बैंक रेट 5.40 फीसदी हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जीडीपी का अनुमान भी घटाया 

भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है। वहीं वित्त वर्ष 2020-21 के लिए जीडीपी का अनुमान 7.2 फीसदी कर दिया है।

आरबीआई गवर्नर ने दिया था संकेत

बता दें कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास पहले ही संकेत दे चुके थे कि महंगाई में नरमी के मद्देनजर मौद्रिक नीति को लचीला बनाने की अभी गुंजाइश है। इससे पहले सरकार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पांच फीसदी के साथ छह साल के निचले स्तर पर पहुंची आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए कॉर्पोरेट कर में भारी कमी, एफपीआई पर लगाए गए उपकर को वापस लेने सहित कई कदम उठा चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed