Insurance: निजी बीमा कंपनियों ने मई महीने में LIC को पछाड़ा, APE 10% उछला, जानें सरकारी बीमा कंपनी का हाल
Insurance Data: जीवन बीमा उद्योग में चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान कुल प्रीमियम 36,043 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 15% कम है। माना जा रहा है कि वित्त वर्ष 23 की पिछली तिमाही में ग्रोथ में बड़े उछाल की वजह से यह कमी दर्ज की गई है।
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निजी जीवन बीमा कंपनियों की वार्षिक प्रीमियम समकक्ष (एपीई) अप्रैल में स्थिर रहने के बाद मई में 10% उछला है। इस दौरान जीवन बीमा निगम (LIC) में 6% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, एसबीआई लाइफ और एचडीएफसी लाइफ ने इस मामले में सबसे अधिक वृद्धि हासिल की है।
ज्यादातर निजी बीमा कंपनियों की एपीई में 8 से 10 प्रतिशत का इजाफा
पिछले महीने मंदी का एक कारण उच्च आधार प्रभाव रहा है। बीमा कंपनियों ने मई 2022 में कोविड के बाद अर्थव्यवस्था के फिर से खुलने के दौरान 101% की वृद्धि दर्ज की थी। व्यक्तिगत बीमा कंपनियों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ, एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ ने 8-10% की समान वृद्धि दर दिखाई, जबकि मैक्स लाइफ की वृद्धि कमजोर रही।
मई 2023 में भारतीय बीमा उद्योग की कुल एपीई वृद्धि 3% रही
निजी जीवन बीमा कंपनियों की एपीई में मई 2023 में 10% की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान एलआईसी में 6% की गिरावट के साथ कुल एपीई वृद्धि 3% रही। मार्च में आई मजबूत गति के बाद अप्रैल में कम व्यावसायिक गति (0.5%) देखी गई। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा, 'ऐसा लगता है कि कारोबार की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ी है। चार साल के सीएजीआर आधार पर, मई 2023 में निजी क्षेत्र की एपीई वृद्धि अप्रैल 2023 के समान मध्यम रूप से 12% पर रही।
व्यक्तिगत एपीई के मामले में 18% की वृद्धि के साथ बजाज लाइफ आगे
निजी कंपनियों के लिए व्यक्तिगत नवीनतम व्यवसाय बीमा राशि में मई 2023 में 25% और अप्रैल 2023 में 26% की वृद्धि देखी गई। जो क्रमशः 10% की व्यक्तिगत एपीई वृद्धि और 1% की गिरावट को पार कर गई। यह प्रवृत्ति पहले दो महीनों के दौरान औसत टिकट आकार में धीमी वृद्धि के साथ, -2% से +4% तक, खुदरा सुरक्षा में संभावित वृद्धि को इंगित करती है, जो पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 23) में अपेक्षाकृत धीमी थी। उद्योग में नए खिलाड़ियों ने अधिक मजबूत प्रदर्शन का प्रदर्शन किया। बजाज लाइफ ने व्यक्तिगत एपीई में 18% की मजबूत वृद्धि हासिल की, हालांकि समूह के पूरे व्यवसाय में 58% की गिरावट देखी गई। आदित्य बिड़ला सन लाइफ इन्शुरेंन्स और टाटा एआईए ने व्यक्तिगत एपीई में क्रमशः 33% और 21% की वृद्धि दर्ज की।
चालू वित्तीय वर्ष के पहले दो महीनों में 36043 करोड़ रुपये का प्रीमियम हुआ वसूल
वही जीवन बीमा उद्योग में चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान कुल प्रीमियम 36,043 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 15% कम है। माना जा रहा है कि वित्त वर्ष 23 की पिछली तिमाही में ग्रोथ में बड़े उछाल की वजह से यह कमी दर्ज की गई है।