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बैंक शाखाओं को खत्म कर देगी ऑनलाइन बैंकिगः नीति आयोग
amarujala.com- Presented by: अभिषेक तिवारी
Updated Fri, 09 Jun 2017 03:10 PM IST
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NITI Aayog CEO Amitabh Kant
- फोटो : social media
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बढ़ता तकनीकी विकास और सस्ती ऑनलाइन बैंकिग के चलन के चलते बैंक शाखाओं के खत्म होने की संभावना है। मामले में गुरुवार को नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने आशंका जताई है कि तकनीकी विकास, सस्ती इंटरनेट सेवाओं तथा ऑनलाइन बैंकिग की वजह से आने वाले 5-6 सालों में बैंक शाखाओं के खत्म होने की संभावना है।
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उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि आने वाले 5-6 सालों में आप फिजिकल बैंकों की मृत्यु होते हुए देखेंगे। फिजिकल बैंकों के लिए यह समय बहुत मुश्किल होगा क्योंकि इनकी लागत बहुत अधिक बढ़ जाएगी। यह ऑनलाइन साधन की तुलना में बहुत बड़ा होगा, कई फाइनटेक स्टार्ट-अप उनकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए डेटा विश्लेषण सेवाये दे रही हैं।
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कांत ने आगे कहा कि तकनीकी का विस्तार इतनी तेज रफ्तार से हो रहा है कि आने वाले सालों में डिजिटल लेनदेन, मोबाइल वॉलेट और बायोमीट्रिक माध्यमों से ही होगा। एटीएम, क्रेडिट, डेबिट कार्ड्स का चलन से पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। उन्होंने इसके लिए देश में बढ़ते मोबाइल फोन व ऑनलाइन लेनदेन के उपयोग का जिक्र किया है।
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उन्होंने आगे कहा कि मोबाइल फोन और इंटरनेट आधारित लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है। व्यवसायिक कंपनियों के लिए यह आसान होगा। वह उन व्यक्तियों को लोन मुहैया करायेगा जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी होगी।
कांत ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि भारत में अब बहुत कुछ हो रहा है, क्योंकि भारत समृद्ध बनने से पहले डेटा समृद्ध बन जाएगा। ग्रामीण इलाकों के लोगों तक तकनीक का उपयोग करने, डेटा सेवाओं का प्रसार करने से उन्हें आर्थिक सहायता मुहैया कराना आसान साबित होगा।
उन्होंने कहा कि भारत अब लगभग 900 वित्तीय प्रौद्योगिकी खिलाड़ियों का घर है और उन्हें 3 अरब डॉलर का धन मिला है। यह भारतीय बैंकों को फिनटेक की लहर पर सवार होने के लिए मजबूर कर रहा है।