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मैं न ही डिफॉल्टर और न ही भगोड़ा: विजय माल्या
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 07 Mar 2016 06:48 AM IST
सार
- मुझे भगोड़े के तौर चित्रित किया जा रहा है
- मैं न ही डिफॉल्टर और न ही भगोड़ा
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विजय माल्या
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विस्तार
संकटग्रस्त किंग ऑफ गुड टाइम्स विजय माल्या ने बैंकों का कर्ज न चुका पाने के कारण चल रहे केस पर कहा कि मुझे भगोड़े के तौर चित्रित किया जा रहा है। इस गलत प्रचार के चलते मैं हर बैंक एनपीए का पोस्टर ब्वाय बन गया हूं। उन्होंने कहा कि मैं न ही डिफॉल्टर और न ही भगोड़ा हूं।
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गौरतलब है कि किंगफिशर ने फाइनेंशियल अभाव के चलते अपना ऑपरेशन 2012 में बंद किया था। उस वक्त एयरलाइन के ऊपर करीब दो बिलियन रुपए की देनदारी थी। इसके बाद कोर्ट केस में सुनवाई के दौरान विलफुल डिफॉल्टर के तौर पर घोषित हो गए। गौरतलब है कि माल्या उस वक्त फिर से चर्चा में आए जब उन्होंने यूनाइटेड स्पिरिट्स के चेयरमैन पद से रिटायरमेंट घोषणा कर दी। इसके एवज में डिआजियो ने उन्हें 515 करोड़ के पैकेज देने की घोषणा की। इसके बाद किंगफिशर को कर्ज देने वालों के कान खड़े हो गए हैं और उन्होंने डीआरटी में अपील की है कि इस पेमेंट को रुकवा दिया जाए और इससे पहले बैंकों का कर्ज निपटारा किया जाए।
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इससे पूर्व की देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में अपील कर माल्या को गिरफ्तार करने और उनके पासपोर्ट को जब्त करने की गुहार लगायी है।
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उल्लेखनीय है कि किंगफिशर के बंद होने के बाद 2013 के बाद बैंकों ने गिरवी रखे शेयर बेचकर 1244 करोड़ ले लिए हैं और करीब 600 करोड़ कर्नाटक हाईकोर्ट के पास जमा हैं। इसके साथ ही 2014 के बाद से यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डींग्स के 650 करोड़ बैंक के पास हैं।
यूनाइटेड ब्रेवरीज ने ये रकम अपनी हिस्सेदारी डिआजियो को बेचकर जुटायी थी। पूरे मामले पर माल्या का कहना है कि वह बैंकों के साथ सेटलमेंट करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों के 11 लाख करोड़ एनपीए हैं इनमें कर्ज लेने वालों में किंगफिशर से कहीं बड़े लेनदार शामिल हैं लेकिन उन्हें विलफुल डिफॉल्टर घोषित नहीं किया गया।