अब विदेश में रख सकते हैं 1.5 करोड़ रुपए तक
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भारतीय रिजर्व बैंक ने नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत अब कोई भी भारतीय व्यक्ति विदेश में 2.5 लाख डॉलर (1.5 करोड़ रुपए) तक सालाना जमा कर सकता है या विदेश से भारत में ला सकता है।
बैंक ने यह छूट मॉनिटरी पॉलिसी में बदलाव करते हुए लिब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत दी है। रिजर्व बैंक ने ऐसा विदेशी मुद्रा भंडार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के चलते किया है।
इस जनवरी में पहली बार विदेशी निवेश रेकॉर्ड ऊंचाई 322.135 बिलियन डॉलर (18000 अरब रुपए) पर पहुंचा है। इस नए नियम के तहत रिजर्व बैंक ने यह सीमा पहले की अपेक्षा दोगुनी कर दी है।
रिजर्व बैंक की तरफ से दी गई इस छूट के बाद विदेशों से भारत पैसे भेजना तो आसान हो ही गया है साथ ही विदेश में अपना घर होने का सपना भी साकार हो सकता है।
1.25 लाख डॉलर थी सीमा
रिजर्व बैंक की तरफ से दी गई इस छूट के बाद अब कोई भी व्यक्ति भारत के बाहर किसी भी देश में बिना रिजर्व बैंक की मंजूरी के निवेश कर सकता है या फिर प्रॉपर्टी खरीद सकता है।
चालू खाता घाटे के चलते और रुपए में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए अगस्त 2013 में यह सीमा 2 लाख डॉलर से घटाकर 75 हजार डॉलर कर दी थी।
इसके बाद जब विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा हुआ तो बैंक ने जून 2014 में यह सीमा 75,000 डॉलर बढ़ाकर 1.25 लाख डॉलर कर दी थी।