चेक भरते समय न भूलें ये बातें, सिर्फ एक गलती से खाली हो सकता है बैंक खाता
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कोरोना काल में बैंकिंग फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने के लिए भारतीय बैंकों ने कई कदम उठाए हैं। बैंक समय-समय पर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए दिशानिर्देश जारी करते रहते हैं। लेकिन तब भी जालसाज बैंक खातों से पैसों की निकासी कर ही लेते हैं। बैंक चेकबुक की सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। इसके मद्देनजर देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने खाताधारकों को चेक फ्रॉड से बचाने के लिए कुछ चिप्स दिए हैं। पीएनबी ने बैंक ग्राहकों से चेक को भरते समय कुछ बातों का ध्यान रखने का आग्रह किया है। आइए जानते हैं धोखाधड़ी से बचने के लिए बैंक ने लोगों को क्या सलाह दी है।
- सिर्फ परमानेंट इंक से ही भरें चेक।
- चेक ड्रॉप करने से पहले ड्रॉपबॉक्स को चेक करें।
- चेक पर ओवरलैपिंग हैंडराइटिंग का उपयोग न करें।
- पुराने चेक, जो इस्तेमाल नहीं किए गए हैं, उन्हें नष्ट कर दें।
- अपने चेक पर खाली जगह छोड़ने से बचें।
- अपने चेक की डिटेल्स का रिकॉर्ड रखें।
नए साल से बदल जाएगा चेक पेमेंट का नियम
मालूम हो कि नए साल की शुरुआत के साथ ही चेक पेमेंट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बैंकिंग फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक जनवरी 2021 से चेक के पॉजिटिव पे सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास ने अगस्त में ही इस संबंध में घोषणा की थी।
क्या होता है पॉजिटिव पे सिस्टम?
पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत किसी थर्ड पार्टी को चेक जारी करने वाले व्यक्ति को अपने बैंक को अपने चेक की जानकारी भी भेजनी होगी। इस सिस्टम से 50,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान वाले चेक को रि-कंफर्म करना होगा। इस सिस्टम के जरिए चेक के क्लियरेंस में भी कम समय लगेगा। चेक जारी करने वाले व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चेक की तारीख, लाभार्थी का नाम, प्राप्तकर्ता और पेमेंट की रकम के बारे में दोबारा जानकारी देनी होगी।