IDBI के पूर्व निदेशकों ने ही लगाया बैंक को चूना, 600 करोड़ के घोटाले में सीबीआई ने दर्ज की चार्जशीट
पब्लिक सेक्टर क्षेत्र की प्रमुख बैंकों में शुमार आईडीबीआई बैंक के पूर्व निदेशकों ने ही बैंक को चूना लगाने में किसी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ी। सीबीआई द्वारा दर्ज कराई गई चार्जशीट के अनुसार इन अधिकारियों ने ही 600 करोड़ का चूना बैंक को लगा दिया। इस खुलासे के बाद बैंकिंग सेक्टर में खलबली मच गई है।
एयरसेल के प्रमोटर को दिया था लोन
इस घोटाले में बैंक के बड़े अधिकारियों ने बंद हो चुकी टेलिकॉम कंपनी एयरसेल के प्रमोटर सी शिवशंकरन को बिना किसी खास कारण के 600 करोड़ रुपये का लोन दिया था। जबकि इससे पहले दिया गया 323 करोड़ का लोन भी एनपीए हो गया था।
इन लोगों के खिलाफ दायर की चार्जशीट
सीबीआई ने बैंक के पूर्व सीएमडी एम एस राघवन, सिंडिकेट बैंक के एमडी व सीईओ मेलविन रेगो, बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व सीएमडी पी एस शेनॉय, आईडीबीआई के पूर्व डिप्टी एमडी बी के बत्रा, पूर्व स्वतंत्र निदेशक नीनाड कार्पे और बीएसई के चेयरमैन एस रवि के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
ऐसे दिया घोटाले को अंजाम
सीबीआई के मुताबिक, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड स्थित असोसिएट कंपनी एम/एस एक्सेल सनसाइन लिमिटेड को 523 करोड़ रुपये का लोन देने के लिए आईडीबीआई बैंक के इन पूर्व अधिकारियों ने शिवा ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमोटर्स व निदेशकों के साथ आपराधिक साजिश रची।
इससे पहले 2010 में शिवा ग्रुप की कंपनी विन विंड ओवाई को दिया गया 323 करोड़ रुपये का लोन भी डूब चुका था और कंपनी ने फिनलैंड में दिवालिया अर्जी दाखिल की थी। बैंक ने इस तथ्य को नजरअंदाज करते हुए भी लोन दे दिया।
बैंक अधिकारियों ने पहुंचाए कई फायदे
आईडीबीआई ने शिवा की कंपनियों को कई और फायदे पहुचाएं। बैंक ने शिवा की कंपनियों को 31 करोड़ रुपये मूल्य के तीन और लोन जारी किए ताकि आईडीबीआई के ब्याज को चुका कर यह दिखाया जा सके कि लोन अकाउंट अच्छी स्थिति में है।