{"_id":"6364618d0afae41cbb74962d","slug":"fd-intrest-getting-more-than-small-savings-schemes-banks-giving-benefit-of-four-times-increase-in-repo-rate","type":"story","status":"publish","title_hn":"FD Intrest: छोटी बचत योजनाओं से ज्यादा मिल रहा एफडी पर ब्याज, रेपो दर में चार बार बढ़ोतरी का फायदा दे रहे बैंक","category":{"title":"Banking Beema","title_hn":"बैंकिंग बीमा","slug":"banking-beema"}}
FD Intrest: छोटी बचत योजनाओं से ज्यादा मिल रहा एफडी पर ब्याज, रेपो दर में चार बार बढ़ोतरी का फायदा दे रहे बैंक
Fri, 04 Nov 2022 06:19 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 04 Nov 2022 06:19 AM IST
सार
चालू वित्त वर्ष में बैंकों के कर्ज में भारी तेजी आई है। सितंबर में कर्ज की वृद्धि दर 16% से ऊपर रही, जबकि जमा की वृद्धि दर 10%। ऐसे में बैंक जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रेपो दर में मई से अब तक चार बार वृद्धि से लोगों पर ईएमआई (मासिक किस्त) का बोझ भले ही 2% बढ़ा है, लेकिन बैंक में पैसे जमा करने वालों को इसका लाभ भी मिल रहा है। आलम यह है कि सरकार की छोटी बचत योजनाओं के मुकाबले बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।
विज्ञापन
कुछ बैंक तो विशेष जमा योजनाओं पर 7.75 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं। छोटी बचत योजनाओं में सुकन्या समृद्धि पर सबसे ज्यादा 7.6% ब्याज मिलता है। इन योजनाओं में लॉकइन अवधि लंबी होती है। एफडी में छोटी से लंबी अवधि तक के लिए पैसे जमा कर सकते हैं। बैंक जिन एफडी पर ज्यादा ब्याज दे रहे हैं, वह सीमित समय के लिए है।
विज्ञापन
छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर
| किसान विकास पत्र | 7.0% |
| पीपीएफ | 7.1% |
| वरिष्ठ नागरिक बचत योजना | 7.6% |
| डाकघर टाइम डिपॉजिट | 5.8% |
| राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र | 6.8% |
| सुकन्या समृद्धि योजना | 7.6% |
विशेष एफडी पर दर (फीसदी में)
| बैंक | सामान्य | वरिष्ठ नागरिक |
| बैंक ऑफ इंडिया | 7.25 | 7.75 |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 6.75 | 7.25 |
| केनरा बैंक | 7.00 | 7.50 |
| आईडीबीआई बैंक | 6.90 | -- |
| आरबीएल बैंक | 7.25 | 7.75 |
तरलता में होगा सुधार
बैंकरों का मानना है कि एफडी पर ज्यादा ब्याज देने से तरलता में सुधार होगा। अगर इसी तरह से बैंकों की उधारी में वृद्धि होती रही तो तीसरी तिमाही में वे सामान्य एफडी पर भी ब्याज बढ़ाएंगे।
विज्ञापन
सरकारी व निजी बैंकों ने बढ़ाई है दर
आंकड़े बताते हैं कि सितंबर, 2021 में सरकारी बैंक एफडी पर औसत 5.14% ब्याज दे रहे थे। सितंबर, 2022 में यह दर बढ़कर 5.41% पहुंच गई। इस दौरान निजी क्षेत्र के बैंकों ने एफडी पर ब्याज दर को 5.27% से बढ़ाकर 5.48% कर दिया। कई बैंक सामान्य एफडी पर भी 6 फीसदी से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।
एफडी के प्रति आकर्षित होंगे जमाकर्ता
चालू वित्त वर्ष में बैंकों के कर्ज में भारी तेजी आई है। सितंबर में कर्ज की वृद्धि दर 16% से ऊपर रही, जबकि जमा की वृद्धि दर 10%। ऐसे में बैंक जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में बैंकों की उधारी 9.7 लाख करोड़ रुपये बढ़ी है, जबकि जमा केवल 8 लाख करोड़ रुपये।