एक बैंक खाते ने आरबीआई को किया पीएमसी बैंक पर सख्त कदम उठाने को मजबूर
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केवल एक बैंक खाते की वजह से भारतीय रिजर्व बैंक ने 35 साल पुराने पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक पर सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। केंद्रीय बैंक के इस अप्रत्याशित कदम से बैंकिंग सेक्टर के साथ ही ग्राहकों में भी खलबली मची हुई है। कई लोगों को लग रहा है कि आरबीआई के नियमों की अनदेखी करने से पीएमसी बैंक पर यह नकेल कसनी पड़ी, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी बैंकों के ग्राहकों को उठानी पड़ेगी।
इस खाते पर है 2500 करोड़ का एनपीए
मुंबई से प्रकाशित एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, पीएमसी बैंक में दिवालिया हो चुकी रियल एस्टेट कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) का खाता है। इस कंपनी ने बैंक से करीब 2500 करोड़ रुपये का लोन ले रखा था, जिसे चुकाया नहीं गया। बार-बार किश्त डिफॉल्ट होने के बाद भी बैंक ने इस खाते को न तो एनपीए में रखा और आरबीआई को भी इसके बारे में जानकारी नहीं दी थी। आरबीआई के नियमों के अनुसार ऐसे खातों को एनपीए में रखना जरूरी है। फिलहाल बैंक के पास केवल एक हजार करोड़ रुपये का रिजर्व है।
बैंक के लाभ में आएगी कमी
नियमों के अनुसार, अगर कोई बैंक किसी खाते को एनपीए में रखता है तो फिर उसके लाभ में कमी आ जाती है। 500 करोड़ रुपये का लाभ होने और 400 करोड़ का एनपीए होने पर बैंक का शुद्ध लाभ केवल 100 करोड़ रुपये रह जाएगा।
आरबीआई के कदम से एनपीए होगा लोन
आरबीआई के इस कदम से अब बैंक को एचडीआईएल का पूरा लोन एनपीए करना होगा। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष में बैंक का एनपीए 1.05 फीसदी से बढ़कर 2.19 फीसदी हो गया था, जिसके अब और बढ़ने की संभावना है।
इन लोगों के हैं बैंक खाते
पीएमसी बैंक में 11 हजार करोड़ रुपये जमा है। कई लोगों का इसमें लाखों रुपये की एफडी, सैलरी खाता है। बैंक पर प्रतिबंध लगने के बाद मुंबई में कई शाखाओं पर लोगों को रोते हुए देखा गया। जिन लोगों ने इस बैंक में खाता खोला हुआ है उनमें ऑटो रिक्शा चालक, टैक्सी ड्राइवर्स, छोटे कारोबारी, पेंशनर्स, गृहणी शामिल हैं।