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2000 का नोट लाने की नहीं थी जरूरत, मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं छोटे उद्योग: कोटक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:38 AM IST
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कोटक महिंद्रा बैंक के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक उदय कोटक ने कहा कि नोटबंदी को ठीक से लागू नहीं किया गया। नोटबंदी के वक्त सरकार द्वारा शुरू किए गए 2000 रुपये के नोट से छोटे उद्योगों को मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने सरकार के इस क्षेत्र पर ध्यान देने का स्वागत किया।
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पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन की पुस्तक के विमोचन पर शनिवार रात कोटक ने कहा, ‘अगर नोटबंदी को सुनियोजित तरीके से लागू किया जाता, तो नतीजे बेहतर हो सकते थे। हमें कुछ साधारण चीजों के बारे में सोचना चाहिए था।
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अगर आप 500 और 1,000 का नोट बंद कर रहे हैं, तो 2,000 का नोट शुरू करने की जरूरत ही क्या थी? इसे लागू करते हुए सुनिश्चित करना जरूरी था कि सही मूल्य के नोट बड़ी संख्या में उपलब्ध कराए जाते।’
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कोटक ने कहा कि अगर ये सब चीजें की गई होतीं तो आज हम कुछ अलग तरीके से बात कर रहे होते। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी वित्तीय क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुई है। वित्तीय बचत में वृद्धि अविश्वसनीय है। इससे जोखिम प्रबंधन की चुनौती भी खड़ी हुई है।